दिल्ली से 400 KM दूर है चौंसठ योगिनी मंदिर…महाकाली का अवतार हैं 64 योगिनी

New Delhi : लोकतंत्र का मंदिर है संसद लेकिन क्या आप जानते हैं लोकतंत्र का मंदिर एक असली मंदिर की तर्ज पर बना हुआ है। ये मंदिर दिल्ली से 400KM दूर है। इसे सिस्टम की लापरवाही कहें या कुछ और आजादी के लगभग 7 दशक बाद भी इस मंदिर तक आम लोगों का पहुंचना काफी मुश्किल है।

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पड़ने वाले हिंदू मंदिर चौसठ योगिनी मंदिर आप जाना चाहते हैं, तो आपको किराए पकर टैक्सी का सहारा लेना पड़ेगा। यहां तक लोकल वाहन नहीं जाते। साथ ही सड़क की हालत बद से बद्दतर है।  चौंसठ योगिनी मंदिर का निर्माण क्षत्रिय राजाओं ने 1323 ई. में कराया था। करीब 200 सीढ़ियों चढ़ने के बाद आप इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं। यह मंदिर एक वृत्तीय आधार पर निर्मित है और इसमें 64 कमरे हैं। हर कमरे में एक-एक शिवलिंग स्थापित है। मंदिर के बीचोंबीच एक खुला हुआ मंडप है। इसमें भी एक विशाल शिवलिंग है। इस मंदिर को ऐतिहासिक स्मारक घोषित किया हुआ है।

चौसठ योगिनी माता आदिशक्ति काली का अवतार हैं। घोर नामक एक दैत्य के साथ युद्ध करते हुए मां काली ने ये अवतार लिए थे। इन देवियों में 10 महाविघाएं और सिद्ध विघाओं की भी गणनी की जाती है। ये योगिनी तंत्र और योग विद्या से संबंध रखती हैं।

चौंसठ योगिनियों के नाम :- 1.बहुरूप, 3.तारा, 3.नर्मदा, 4.यमुना, 5.शांति, 6.वारुणी 7.क्षेमंकरी, 8.ऐन्द्री, 9.वाराही, 10.रणवीरा, 11.वानर-मुखी, 12.वैष्णवी, 13.कालरात्रि, 14.वैद्यरूपा, 15.चर्चिका, 16.बेतली, 17.छिन्नमस्तिका, 18.वृषवाहन, 19.ज्वाला कामिनी, 20.घटवार, 21.कराकाली, 22.सरस्वती, 23.बिरूपा, 24.कौवेरी, 25.भलुका, 26.नारसिंही, 27.बिरजा, 28.विकतांना, 29.महालक्ष्मी, 30.कौमारी, 31.महामाया, 32.रति, 33.करकरी, 34.सर्पश्या, 35.यक्षिणी, 36.विनायकी, 37.विंध्यवासिनी, 38. वीर कुमारी, 39. माहेश्वरी, 40.अम्बिका, 41.कामिनी, 42.घटाबरी, 43.स्तुती, 44.काली, 45.उमा, 46.नारायणी, 47.समुद्र, 48.ब्रह्मिनी, 49.ज्वाला मुखी, 50.आग्नेयी, 51.अदिति, 51.चन्द्रकान्ति, 53.वायुवेगा, 54.चामुण्डा, 55.मूरति, 56.गंगा, 57.धूमावती, 58.गांधार, 59.सर्व मंगला, 60.अजिता, 61.सूर्यपुत्री 62.वायु वीणा, 63.अघोर और 64. भद्रकाली।