प्राइवेट स्कूलों पर चला योगी का डंडा, 368 स्कूलों पर लटका दिया ताला

New Delhi : लखनऊ में अनियमित स्‍कूलों पर योगी सरकार की ओर से शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की गई है। सरकार के नियमों को ताक पर रखकर चलने वाले स्कूलों को सरकार ने शुक्रवार को बंद करा दिया है। लखनऊ के 368 स्‍कूलों पर यह कार्रवाई हुई है।

2 जुलाई तक राजधानी लखनऊ के सभी स्‍कूलों को यूडीआईएसई के वेबपोर्टल पर स्‍कूल संबंधी आवश्‍यक जानकारी मुहैया करानी थी। लेकिन लखनऊ के 368 स्‍कूलों ने सरकार को यह डाटा मुहैया नहीं कराया। इसलिए सरकार की ओर से शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की गई है। अब बंद किए स्‍कूलों को दोबारा खुला हुआ पाए जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

प्राइवेट स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई, बढ़ी फीस नहीं लौटाई तो मान्यता रद्द-2 स्कूलों पर जुर्माना

इससे पहले नोएडा में फीस बढ़ोतरी को लेकर स्कूलों की मनमानी पर सख्त कार्रवाई करते हुए DM की अध्यक्षता वाली फीस नियामक समिति ने बड़ी कार्रवाई की। इस समिति ने एपीजे और  कैम्ब्रिज स्कूल समेत नोएडा के 14 निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें बढ़ी हुई फीस लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही समिति ने एपीजे स्कूल पर 5 लाख और कैम्ब्रिज स्कूल पर 1 लाख का जुर्माना लगाया है। इस खबर से अभिभावकों को बहुत राहत मिलेगी। नोएडा के कई स्कूलों ने अधिनियम के विरुद्ध फीस बढ़ाकर कानून का उल्लंघन किया है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने अधिनियम के तहत सभी स्कूलों से एक शपथपत्र देने को कहा है।

प्रबंधन और प्राचार्य के हस्ताक्षरयुक्त यह शपथपत्र 29 अप्रैल की सुबह 11 बजे तक जिला शुल्क नियामक समिति को भेजा जाए। उक्त समय तक शपथपत्र न देने वाले संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने जिले के सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड तथा स्वपोषित स्वतंत्र विद्यालयों को पत्र भेजकर कहा है कि पिछले साल फीस के मुद्दे को लेकर एक अधिनियम बनाया गया था। जिसमें साफ कहा गया है कि अगर किसी भी स्कूल ने अधिनियम के विरुद्ध फीस बढ़ाई तो कानूनी कार्रवाई होनी तय है। फिर भी कई स्कूलों ने फीस बढ़ा दी है।