लड़के ने यमुना नदी में फेंक दी लड्डू गोपाल की मूर्ति..फिर उसके साथ जो हुआ पढ़कर हिल जाएंगे

New Delhi :  श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की मूर्ति उत्तर भारत के घर घर में मिलेंगी। यह सिर्फ मूर्ति नहीं है बल्कि चमत्कारिक मूर्ति होती है। कहा जाता है इसके अंदर स्वयं भगवान श्री कृष्ण विराजते हैं। आज हम आपको उनकी एक ऐसी कहानी बता रहे हैं जिसे पढ़कर आपको यकीन हो जाएगा कि ये सिर्फ पीतल की मूर्ति नहीं है।

फरीदाबाद में एक बूढी मां श्रीकृष्ण की दीवानी थी। वो वृंदावन जाकर लड्डू गोपाल को लेकर आई और बच्चे की तरह उनकी सेवा करने लगी। बुढिया का बेटा थोड़ा नास्तिक टाइप था। उसे ये सब ड्रामा लगता था। वो कहता रहता मां क्यों पड़ोसियों को हंसाने का काम करती है। मां उसकी बातों पर ध्यान ना देकर अपना काम किए जा रही थी। एक दिन जब उसके बेटे ने देखा कि घर में कोई नहीं है तो उसने लड्डू गोपाल की मूर्ति को उठाकर बैग में डाला और यमुना नदी में जाकर डाल दिया। उसकी मां किसी काम से दिल्ली आई थी रात तक वापिस आई। लड़के ने सोचा कि बहाना बना दूंगा कि कोई मूर्ति को ले गया है लेकिन वो रात में घर पहुंचा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस मूर्ति को वो यमुना में फेंक कर आया था वो अपनी जगह वापिस रखी थी। ये देखकर वो बेटा खूब रोया और मां से माफी मांगी।

जी हां श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की पूजा से घर की सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं। अधिकतर लोग घर में लड्डू गोपाल घर में रखते हैं, लेकिन पूजा-पाठ में छोटी-छोटी कमियों की वजह से पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता है। उज्जैन के इंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पं. सुनील नागर के अनुसार सही विधि से बाल गोपाल की पूजा की जाए तो वे जल्दी प्रसन्न होते हैं। इनकी प्रसन्नता से घर में किसी चीज की कमी नहीं रहती है। व्यक्ति को हर काम में सफलता मिलती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। यहां जानिए कान्हा को मनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए…

1. रोज सुबह जल्दी उठें। स्नान के बाद घर के मंदिर में भगवान गणेश की पूजा सबसे पहले करें। गणेशजी को स्नान कराएं। वस्त्र अर्पित करें। गंध, फूल, धूप-दीप, चावल, प्रसाद चढ़ाएं। 2. गणेशजी के बाद बाल गोपाल की पूजा करें। कान्हाजी को साफ जल से स्नान कराएं। इसके बाद पंचामृत से स्नान कराना है। पंचामृत दूध, दही, घी, शदर और मिश्री मिलाकर बनाएं। स्नान दक्षिणावर्ती शंख से कराएंगे तो ज्यादा शुभ रहेगा।

3. स्नान के बाद भगवान को वस्त्र, गंध, फूल, धूप-दीप, चावल, तुलसी के पत्ते चढ़ाएं। 4. प्रतिमा को फूल माला पहनाएं, चंदन से तिलक लगाएं। मोर पंख अर्पित करें। 5. बाल गोपाल को माखन, मिश्री, तुलसी का भोग लगाएं। 6. श्रीकृष्ण के मंत्र कृं कृष्णाय नम: का जाप कम से कम 108 बार करें।

7. अगर आपके घर में बाल गोपाल हैं तो मांस-मदिरा, अधार्मिक कार्यों से बचना चाहिए। 8. बाल गोपाल को रोज स्नान करना बहुत जरूरी है। इसके श्रृंगार, पूजा, भोग, आरती और शयन जरूर कराएं।9. बाल गोपल की पूजा और उन्हें भोग लगाएं बिना खाना नहीं चाहिए। उन्हें भोग लगाने के बाद भोजन प्रसाद बन जाएगा। 10. घर में वाद-विवाद न करें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। घर के आंगन में तुलसी जरूर लगाएं।