ऊंटगाड़ी चलाकर गरीब पिता ने बेटा-बेटी को पढ़ाया..आज CID ऑफिसर है बेटी और बेटा भी है बड़ा अफसर

New Delhi : इंसान में कुछ कर गुजरने की हिम्मत रख मेहनत और लगन से अपना लक्ष्य साधे तो कोई भी मुश्किल उनकी राह नही रोक सकती ऐसा ही कुछ कर दिखाया अलवर के बहरोड़ के गांव शेरपुर निवासी वीरेंद्र यादव व उनके परिवार ने, जो समाज मे किसी प्ररेणा व मिसाल से कम नही।

एक किसान जो ऊंट गाड़ी से पैसे कमाकर अपनी ओलाद को पढ़ाया, अब उनकी संतान देश में नाम कमा रही है। रोहिताश यादव के बेटे-बेटी राजस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। बेटा वीरेन्द्र नारकोटिक्स ब्यूरो में तैनात है। तो बेटी पवित्रा यादव CID में सेवाएं दे रही हैं। वीरेंद्र यादव पुत्र रोहिताश यादव की प्रारंभिक शिक्षा गांव में हुई। वीरेंद्र यादव के पिता एक ऊट गाड़ी रखने वाले गांव में साधारण किसान थे जो ऊट गाड़ी की अल्प आय से अपना घर परिवार चलाते थे। रोहिताश यादव के दो बेटे व दो बेटियां परिवार चलाने का खर्च भी उठाया और बेटों- बेटियों को पढ़ाया भी। उनको अपने बच्चों पर पूरा विश्वास था कि वे भविष्य में कुछ बन करके दिखाएंगे इसी का परिणाम रहा कि उन्होंने जैसे -तैसे अपने बच्चो को दिन रात ऊंट गाडी जोडकऱ जयपुर पढऩे के लिए भेज दिया।

माता -पिता का कठोर परिश्रम कड़ी मेहनत से निकलता हुआ पसीना उनकी संतान देख रही थी। बेटो बेटियो ने भी दृढ़ निश्चय व कड़ी मेहनत लगन परिश्रम से पढ़ाई की ओर सन 2002 में वीरेन्द्र यादव के भाई नरेन्द्र यादव का चयन बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हुआ और युवा पीढ़ी के लिए रोल मॉडल बन गए वही वीरेंद्र यादव भी राजकीय सेवा में चयनित हुए और वे वर्तमान में क्षेत्रीय निदेशक जोनल डायरेक्टर नारकोटिक्स ब्यूरो में प्रतिनियुक्ति के पद पर कार्यरत है। उनके उल्लेखनीय कार्य करने के लिए गृह मंत्री असाधारण आसूचना पदक, महानिदेशक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से एनसीबी जम्मू में देश की सबसे बड़ी कार्यवाही हे’रोइन 16 1 केजी पकडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर पुरस्कृत किया गया है। उन्हें दो बार महानिदेशक सीमा सुरक्षा बल की ओर से सम्मानित किया जा चुका है।

बहन भी कम नही : उनकी बहन पवित्रा यादव जो सीआईडी में इंस्पेक्टर के पद पर कार्य करती हैं तथा वे राजस्थान के मुख्यमंत्री ऑफिस में सिक्योरिटी अफसर जैसे महत्वपूर्ण पद पर अपनी जिमेदारी निभा रही है। इस तरह वीरेंद्र व उनके भाई बहन अभावों की जिंदगी जी रहे युवाओ के लिए मेहनत लग्न से आगे बढऩे और सफलता की किरण दे रहे हैं।