समुद्र में सबसे आखिरी में क्या है, जानने के लिए 11 किलोमीटर अंदर तक गया तैराक

New Delhi : भारत समेत पूरी दुनिया में प्लास्टिक का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा है। इसके नुकसान पता होने के बावजूद हम प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने में नाकामयाब रहे हैं। अब तक कई ऐसी सुद्री किनारों पर मौजूद पानी में प्लास्टिक के तैरने की कई तस्वीरें सामने आ चुकी हैं, लेकिन ये प्लास्टिक सिर्फ समुद्र के पानी पर तैर नहीं रहा है बल्कि इसकी सतह तक पहुंच चुका है।

दुनिया का सबसे गहरे महासागर, प्रशांत महासागर का एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है, जिसकी तस्वीरें आपको विचलित कर सकती हैं। दअरसल, 1 मई को विक्टर वेसकोवो प्रशांत महासागर के नीचे 11 किलोमीटर पर मौजूद सतह पर गए। इन्होंने इस महासागर की सतह पर कुल 4 घंटे बिताए। इस टीम ने महासागर के 11 किलोमीटर नीचे जाने के बाद काफी कचरा बाहर निकाला और कई तरह के झींगों की नई प्रजाति का पता लगाया।

यह वीडियो देखने में जितना खूबसूरत है, उतना ही इसकी कहानी सोचने पर मजबूर कर देने वाली है। बता दें कि कुछ वक्त पहले अमेरिका के गहरे समुद्र में खोजकर्ता विक्टर वेसकोवो और उनकी टीम ने सबसे गहरी सबमरिन डाइव के जरिए प्रशांत महासागर के सबसे नीचे गए थे। इस दौरान उन्होंने काफी मात्रा में प्लास्टिक निकाला। इस सहत पर झींगे और चट्टान के अलावा टॉफी के पैकेट और प्लास्टिक बैग्स मिले।