PM मोदी का कमाल! अमेरिका की संसद ने भारत को दिया NATO देशों जैसा दर्जा

New Delhi : अमेरिकी संसद में एक विधेयक पारित हुआ है जिसमें भारत को अमेरिका के नाटो (NATO) सहयोगियों और रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए इजरायल और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के साथ बराबरी पर लाने का प्रस्ताव है है। नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट में वित्त वर्ष 2020 के लिए इस तरह का प्रस्ताव पिछले हफ्ते अमेरिकी सीनेट द्वारा पारित किया गया था।

दरअसल, यह संशोधन हिंद महासागर में मानवीय सहायता, आतंकवाद निरोध, समुद्री डकैती और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में अमेरिका-भारत रक्षा सहयोग को बढ़ाने की बात करता है। इस संशोधन को मंजूरी मिलने के बाद अमेरिका के बड़े रक्षा भागीदार के तौर पर भारत की हालिया मान्यता को संस्थानिक आधार मिल गया है।

इस तरह के कानूनी बदलावों पर अन्य समूहों के साथ काम करने वाले पैरोकार समूह अमेरिका इंडिया स्ट्रैटिजिक एंड पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा था कि यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। दरअसल, पैरोकार समूह कानूनी बदलावों के हिमायती हैं, जिससे भारत को अत्याधुनिक रक्षा उपकरण के निर्यात में मौजूदा कानूनी बाधाएं खत्म होंगी। इस तरह के उपकरण आम तौर पर कुछ ही देशों को दिए जाते हैं। बता दें कि नाटो का मुख्यालय बेल्जियम के ब्रसेल्स में स्थित है। नाटो एक सैन्य गठबंधन है, जिसकी स्थापना 4 अप्रैल 1949 को की गई थी। इस संगठन में शामिल देशों के बीच एक दूसरे की सामूहिक सुरक्षा का जिम्मा होता है।