वाराणसी में 123 साल के शिवानंद ने डाला वोट, पासपोर्ट पर 8 अगस्त 1896 दर्ज है जन्मतिथि

New Delhi :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सबसे बुजुर्ग मतदाता ने वोटर्स से मतदान कर देश को मजबूत करने की अपील की। बुजुर्ग बाबा भिखारी के नाम से मशहूर 123 साल के शिवानंद ने मतदान किया। उनके अलावा यहां 105 साल के शिवरंजन मिश्रा ने भी वोट डाला।

उधर, हिमाचल में किन्नौर के कल्पा में देश के प्रथम मतदाता 103 साल के श्याम सरन नेगी ने वोट डाला। नेगी का मतदान केंद्र पर रेड कारपेट पर फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया। श्याम सरण नेगी बैंक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वे 1951 से लगातार मतदान में हिस्सा ले रहे हैं।

शिवानंद का जन्म बांग्लादेश के श्रीहट्ट जिले में हुआ था। शिवानंद जब 6 साल के थे तब से ही प.बंगाल आ गए थे। वे अपने को देश का सबसे अधिक आयु का बुजुर्ग बताते हैं, इसके लिए उन्होंने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड को आमंत्रित किया है। पासपोर्ट और आधार कार्ड पर बाबा शिवानंद की जन्म तिथि 8 अगस्त 1896 दर्ज है।

बिहार: सिर से जुड़ी दो बहनों ने अलग-अलग किया मतदान : राजधानी पटना में सिर से आपस में जुड़ीं दो बहनों ने समनपुरा पोलिंग बूथ पर मतदान किया। दोनों ने अपने-अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को वोट डाला। सबाह और फराह का 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एक ही मतदाता पहचान पत्र था। इसलिए उनका एक ही वोट माना गया था। लेकिन इस बार उनके अलग-अलग वोट हैं।