डियर ट्रोलर्स, नफरत मत फैलाइए..अपने मन के मैल पर सर्फ एक्सल डालिए

New Delhi :  पिछले एक महीने से देशभर में राष्ट्रवाद की आंधी चल रही थी। फेसबुक पर देश और सेना के लिए लोग जमकर प्यार दिखा रहे थे। क्या हिंदू और क्या मुसलमान सब मिलकर वंदे मातरम से लेकर जय हिंद तक का नारा बुलंद कर रहे थे लेकिन एकाएक तीन दिन से ये क्या हुआ।

सोशल मीडिया जिस चीज के लिए कुख्यात है वो चीज फिर से आ धमकी। जी हां…नफरत की बात कर रहा हूं मैं। सोशल मीडिया नफरत फैलाने के लिए किस तरह से प्रयोग में लाया जाता है देश ही नहीं पूरी दुनिया जानती है। एक बार फिर से सोशल मीडिया को नफरत फैलाई जा रही है। नफरत एक कंपनी के खिलाफ और वो भी इस लिए कि उसने समाज में प्यार फैलाने के लिए एक विज्ञापन बनाया और TV पर चलाया। सोचकर देखिए, जिस मोहब्बत के लिए हिंदुस्तान जाना जाता है उस मोहब्बत को अगर किसी ने बढ़ावा दिया है तो हम उसके खिलाफ नफरत का कैंपेन कैसे चला सकते हैं।

एड में दिखाया गया है कि लड़की हिंदू हैं और लड़का मुसलमान..तो क्या फर्क पड़ता है। नफरत फैला रहे लोग कौन होते हैं तय करने वाले प्यार, मोहब्बत भी लोग धर्म को देखकर करें। एक तरफ हमारा देश धर्म निरपेक्ष कहलाता है। देश के बड़े बड़े पदों पर हिंदू मुसलमान साथ बैठकर देश को आगे ले जा रहे हैं। कब तक कुछ लोगों की गंदी सोच हमारे देशभर के मोबाइलों में संदेश बनकर घूमेगी। लव जिहाद का नाम देकर एक धर्म के खिलाफ जहर उगलना, तो फिर क्या फर्क रह गया हिंदुस्तान और पाकिस्तान में। वहां भी तो ऐसा ही होता है।

एक कंपनी के खिलाफ मैसेज भेजने से क्या मिलेगा। क्या कर लेंगे कुछ लोग कुछ दिन कैंपेन चलाकर। माना कि कंपनी की ब्रिकी घटेगी, दो चार करोड का नुकसान होगा। अब कंपनी ने इतना बड़ा अपराध नहीं कर दिया है कि कंपनी को ताला लग जाएगा। अच्छा एड बनाया है कुछ घटिया लोगों को वो घटिया लगा और उन्होंने कर दिया मैसेज पास। सच पूछो तो इस कैंपेन से कंपनी से ज्यादा हमारे भविष्य को खतरा है। 17-18 साल के बच्चे ऐसे नफरत भरे संदेशों को पढकर नफरत ही सीख रहे हैं और देखिए नफरत यानी कि गुस्सा कहीं ना कहीं तो निकलता ही है। आज दो चार मैसेज पढ़कर गुस्सा पालेंगे कल उसी गुस्से को किसी पर निकालेंगे और किसी आफत में पड़ जाएंगे।

देश कानून और संविधान के अनुसार चलता है, ट्रोलर्स के हिसाब से नहीं। 100 रुपए का महीने भर इंटरनेट लूटने वाले ये कुछ ऐसे लोग हैं जिनके पास कोई नौकरी नहीं, कुछ काम नहीं। ये पाकिस्तान को फेसबुक पर मार सकते हैं। कट्टर हिंदू भावना भी फेसबुक पर ही निकालते हैं। मैं इनको असली हिंदू नहीं कहूंगा क्योंकि असली हिंदू सनातन धर्म हमें दूसरों से नफरत नहीं प्यार करना सिखाता है। तो दोस्तों प्यार कीजिए और फेसबुक चल रहे ऐसे हेट कैंपेन से दूर रहिए। लाइक और शेयर मत कीजिए अपने बारे में नहीं तो अपने बच्चों के बारे में सोचिए आप उन्हें कैसा भारत दे रहे हैं जिसमें मात्र कुछ लोग मोबाइल से नफरत फैला सकते हैं। वक्त है संभल जाइए वरना एक दिन ऐसा आएगा जब आपके बच्चे कहेंगे पता नहीं हमारे पूर्वजों ने ये सब क्यों नहीं रोका।