जब सोनिया गांधी ने कहा था-मेरे बच्चे भीख मांग लेंगे लेकिन राजनीति में कभी नहीं आएंगे

New Delhi : सक्रिय राजनीति में प्रियंका गांधी वाड्रा के औपचारिक प्रवेश के बाद कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह है, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें पार्टी में महासचिव नियुक्त किया है, इसके साथ ही उन्हें आगामी लोकसभा चुनाव में पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी है।

सोनिया नहीं चाहती थी बच्चे राजनीति करें : लेकिन ये बात कम ही लोगों को पता है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी एक समय नहीं चाहती थी, कि उनके बच्चे राजनीति में आये, वो अपने बच्चों के राजनीति में आने के पुरजोर खिलाफ थी, पत्रकार तवलीन सिंह ने अपनी किताब दरबार में इसका जिक्र किया है।

भीख मांग लेंगे लेकिन राजनीति नहीं करेंगे : दरबार में तवलीन सिंह ने लिखा है कि बातों ही बातों में उन्होने सोनिया गांधी से पूछा था कि क्या वो चाहती हैं कि उनके बच्चे राजनीति में जाएं, इस पर सोनिया गांधी ने दो टूक शब्दों में कहा कि मेरे बच्चे सड़क पर भीख मांग लेंगे, लेकिन राजनीति में कभी नहीं आएंगे।

पहले खुद आई राजनीति में : सोनिया गांधी खुद भी राजनीति से दूर ही रहना चाहती थी, लेकिन कांग्रेस की दुर्गति होने और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लगातार रिक्वेस्ट के बाद वो राजनीति में आई, उनके बाद राहुल गांधी आये, अब और प्रियंका गांधी को भी उतारने का ऐलान कर दिया गया है।

कांग्रेस मान रही गेमचेंजर : प्रियंका को पूर्वी यूपी का प्रभारी बनाये जाने को कांग्रेस गेम चेंजर मान रही है, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है, प्रदेश की कई सीटों से उन्हें चुनाव लड़ाने की भी मांग की जा रही है,इन्हीं में से एक सीट वाराणसी की है, जिससे पीएम मोदी सांसद हैं। वाराणसी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लगाकर अपनी इच्छा जाहिर की है, कि प्रियंका गांधी वाराणसी से चुनाव लड़ें।