सड़क पर घायल पड़े सांप को अपने घर ले आया गरीब किसान…उसकी खूब सेवा की लेकिन सब बेकार हो गया

New Delhi :  पुराने समय में एक किसान हमेशा दूसरों की भलाई करते रहता था। किसी भी प्राणी दर्द वह देख नहीं पाता था। वह हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहता था। गांव वाले भी उसकी बहुत इज्जत करते थे। 

एक शाम वह अपने खेत का काम खत्म करके घर लौट रहा था। उस समय सर्दी का मौसम था। रास्ते में उसे एक सांप दिखाई दिया। सांप घायल था और सर्दी के कारण वह हिल भी नहीं पा रहा था। किसान को उस सांप पर दया आ गई। उसने सांप को एक झोले में डाल लिया और अपने घर ले आया। किसान ने घर की ठंडक दूर करने के लिए लकड़ी जलाई। किसान ने रातभर सांप की देखभाल की। घर की गर्मी की वजह से धीरे-धीरे सांप को होश आने लगा। सुबह होते ही सांप पूरी तरह से होश में आ गया, उसने किसान को डंस लिया और वहां से चले गया। किसान तुरंत ही घर से बाहर आया। उसने लगने लगा कि अब वह बच नहीं पाएगा। थोड़ी ही देर में उसके आसपास रहने वाले लोग भी किसान के पास आ गए।

मरते हुए किसान से सभी से कहा कि मैंने एक सांप के प्राणों की रक्षा की थी, लेकिन उसने मुझे ही डंस लिया। इसीलिए आप सभी इस घटना ने सीख लें और कभी भी किसी जानवर या ऐसे लोगों की मदद न करें जो बदलते नहीं हैं।

प्रसंग की सीख : इस छोटी सी कहानी की सीख यह है कि हमारे आसपास कुछ बुरे लोग ऐसे होते हैं जो कभी भी बदलते नहीं हैं। ऐसे लोगों के साथ कितना भी अच्छा व्यवहार करें, लेकिन ये अंत में अपना असली स्वभाव दिखा ही देते हैं। इसीलिए ऐसे लोगों की मदद नहीं करनी चाहिए। इनसे हमेशा सावधान रहना चाहिए।