महज 22 साल उम्र में IAS बन गईं थी स्मिता सभरवाल, इन्हें कहा जाता है जनता का अधिकारी

New Delhi :  स्मिता सभरवाल देश की सबसे कम उम्र की महिला IAS अधिकाारियों में से एक हैं। पश्चिम बंगाल में जन्‍मी स्मिता दार्जिलिंग से ताल्‍लुक रखती हैं। उनके पिता आर्मी अधिकारी थे। चूंकि पिता देश भर में कई जगह पदस्‍थ रहे, इसलिए स्मिता ने भी देश के कई शहरों में शिक्षा ग्रहण की। स्मिता सभरवाल को जनता का अधिकारी के नाम से जाना जाता है।

स्मिता के माता-पिता ने आईसीएसई स्टैंडर्ड को टॉप करने के बाद अपनी बेटी को सिविल सर्विस में जाने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं स्मिता की कड़ी मेहनत रंग लाई और उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर चौथा स्थान हासिल किया तब वह सिर्फ 22 साल की थी। 22 की उम्र में वो IAS बन गई थीं।

सबसे कम उम्र की स्टूडेंट स्मिता ने यूपीएससी का पेपर पास करने के बाद तेलंगाना कैडर के IAS की टे्रनिंग ली और नियुक्ति के बाद वह चितूर में सब-कलेक्टर,कडप्पा रूरल डेवलपमेंट एजेंसी की प्रोजेक्ट डायरेक्टर,वारंगल की नगर निगम कमिश्नर और कुरनूल की संयुक्त कलेक्टर रही हैं।

स्मिता ने अपने कार्यकाल के दौरान कई बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां संभालीं हैं जिसके लिए लोगों ने उन्हें काफी सराहा है। स्मिता सभरवाल भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं जिन्हें तेलंगाना राज्य में किए गए कई सारे सुधारों के लिए जाना जाता है।

इन्होंने तेलंगाना के लोगों की कई तरह से मदद की है। स्मिता सभरवाल को पुलिस ऑफिसर यानी जनता का अधिकारी भी कहा जाता है। इसकी वजह ये है कि उन्होंने जनता पर केंद्रित कई सारी योजनाओं को पूरा किया है।