शादी से एक महीने पहले ही शहीद हुए थे सिमरदीप, मां ने शव को सेहरा पहनाकर अर्थी को दिया कंधा

New Delhi : हमारा देश सुरक्षित रहे इसके लिए आए दिन हमारे जवान अपने प्राणों की आहूति देते हैं। आज हम उन्हीं में से एक BSF के शहीद जवान सिमरदीप के बारे में बता रहे हैं। सिमरदीप सिंह 27 साल के थे। वो 3 साल पहले ही BSF में भर्ती हुए थे। उन्हें सेना में जाने का बचपन से ही शौक था।

वहीं, बड़े होने पर उनके बचपन के ज्यादातर दोस्त BSF में ही भर्ती हुए थे। इसके चलते वे भी अपने जोश और देश के प्रति उत्साह को लेकर BSF में ही भर्ती हो गए। अक्टूबर 2018 में वो आ’तंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। उन्हें दो गोलियां लगी थीं।

शहीद की मां पलविंदर कौर ने बताया कि 21 नवंबर 2018 को उसके बेटे की शादी थी। शादी की सभी तैयारी पूरी हो चुकी थी, घर में रंग रोगन हो रहा था, दुल्हन के लिए कपड़े तक खरीद लिए गए थे। कुछ दिन पहले सिमरदीप का फोन आया था कि वह अपनीa शादी से दस दिन पहले आ जाएगा। वह सिमरदीप से कहती थी कि घर में अपना काम है, वही कर ले मगर सिमरदीप को BSF में ही भर्ती होना था।

शहीद सिमरदीप सिंह के पिता बलजीत सिंह ने बताया कि शहादत के दिन सुबह वह घरेलू सामान लाने के लिए घर से बाहर गए हुए थे। तभी करीब 12 बजे सुबह उन्हें फोन आया कि उनका बेटा शहीद हो गया है। उन्हें दो गोलियां लगी हैं। इसके बाद फोन काट दिया गया। इन दो बातों के अलावा उन्हें कुछ नहीं बताया गया।

पलविंदर कौर ने बताया कि उसका सपना था कि उसके बेटे के सिर पर सेहरा बंधे लेकिन उसका यह सपना अब कभी पूरा नहीं होगा। सिमरदीप के भाई हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि उसके लिए गर्व की बात है कि उसका भाई देश के लिए शहीद हुआ है।