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बचपन में खिलौनों की जगह बैट-बॉल के साथ सोते थे, बेटे को निखारने के लिए पिता मजदूरों से बॉलिंग करवाते थे

इन दिनों देशभर में शुभमन गिल छाए हुए हैं। आजकल इन्हीं की कहानी सोशल मीडिया पर घूम रही है। हर कोई इनके बारे में जानना चाहता है, कि कैसे इन्होंने खुद को इस मुकाम तक पहुंचाया। तो चलिए आपको बताते हैं शुभमन गिल के बारे में कुछ दिलचस्प बातें।

शुभमन गिल का जन्म पंजाब के फजिल्का में लखविंदर सिंह और कीरत गिल के घर पर हुआ था। इनका परिवार खेती से जुड़ा हुआ है। शुभमन के दादा जी दीदार सिंह अच्छे कबड्डी प्लेयर थे। शुभमन जब 3 साल के थे, तब से ही क्रिकेट देखना पसंद था। पिता बताते हैं कि जहां दूसरे बच्चे खिलौने मांगते थे, वहीं शुभमन बैट मांगता था। बेटे की इसी दीवानगी को देखकर पिता ने 8 साल की उम्र में शुभमन को लेकर मोहाली चले गए। यहीं एक क्रिकेट इंस्टीट्यूट में दाखिला करा लिया। पूरे परिवार के साथ किराए का मकान लेकर वहीं रहने लगे।

शुभमन को शुरुआत में क्रिकेट की प्रैक्टिस पिता ने ही कराई। खेत में ही मैदान तैयार कराया। बैटिंग की अधिक प्रैक्टिस के लिए खेत में काम करने वाले मजदूरों से बॉलिंग करवाते थे। कुछ दिनों बाद इन्हे आउट करने वाले को 100 रुपए का इनाम देने लगे। कुछ दिनों बाद ऐसा भी समय आया कि दिन निकल जाने के बाद भी शुभमन आउट नहीं होते। हालांकि, गिल के प्रोफेशनल क्रिकेट करियर की शुरुआत 2017 में पंजाब की रणजी टीम से हुई।

 

2017 में ही इन्हें अंडर-19 की क्रिकेट टीम में चुन लिया गया। 2018 में खेले गए अंडर-19 वर्ल्डकप में इन्होंने 104.50 की औसत से 418 रन जड़ दिए। शुभमन इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अंडर-19 वर्ल्डकप में 104.46 की औसत से 1149 रन बनाए हैं। वर्ल्ड कप में इनके प्रदर्शन को देखते हुए 2018 में कोलकाता नाइट राइडर ने इन्हें 1.8 करोड़ रुपए में खरीदा। भारतीय टीम के लिए इन्होंने 2019 में वनडे, 2020 में टेस्ट और 2023 में टी-20 डेब्यू किया।

बता दें कि शुभमन लाल रंग के टॉवेल को लकी मानते हैं। अक्सर बैटिंग के समय लाल टॉवेल के साथ देखा जाता है। मात्र 8 साल की उम्र में सुबह 3.30 बजे उठकर 4 बजे से दो घंटे मैच की प्रैक्टिस करते इसके बाद स्कूल जाते थे। सितंबर 2022 में, शुभमन गिल को 2022 काउंटी चैंपियनशिप सीजन के लिए ग्लैमर्गन द्वारा विदेशी खिलाड़ी के रुप में साइन किया गया था।  मात्र 14 साल की उम्र में अंडर-16 अंतर जिला प्रतियोगिता में 587 रन की ओपनिंग पार्टनशिप की थी जो कि एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।