शादी के अगले दिन ही विधवा हो गई दुल्हन

New Delhi : किसी ने सही ही कहा है। मौत का कुछ पता नहीं कब आ जाए। एक पल पहले तक खुशियां मना रहा इंसान एक पल बाद ही दुनिया छोड़कर चला जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ छत्तीसगढ़ में। शादी के अगले दिन दुल्हन को विदा कर लाने के बाद दूल्हा घर में मेहमानों के लिए कूलर लगा रहा था। वो स्विच ऑन करके उसमें पानी डाल रहा था तभी करंट उतर गया और वो उसमे चिपक गया। मेहमानों ने मेन स्विच से लाइट काटकर कूलर से छुड़ाया और अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टर ने दूल्हे को मृत घोषित कर दिया।

गुंडरदेही ब्लॉक के ढाबाडीह (पसौद) गांव में एक दिन पहले शादी के फेरे लेकर लौटे दूल्हे भुवन लाल उर्फ दुर्गेश सार्वा (28) की कूलर में पानी भरते समय करंट लगने से मौत हो गई। पानी भरते वक्त कूलर का स्विच ऑन था। सिर्फ कूलर का बटन बंद कर पानी भर रहा था। उस समय घर में मृतक की नई दुल्हन यशुमति और दादी हेमिन बाई मौजूद थीं। घर के बाकी सभी सदस्य बहन रेशमा के ससुराल चौथिया में गए हुए थे। इधर इस दर्दनाक हादसे के बाद पत्नी यशुमति सदमे में बेहोश है। उसका इलाज बालोद के स्वास्थ्य संचय अस्पताल में चल रहा है।

करंट से दूल्हे की मौत के बाद सार्वा परिवार के साथ पूरे गांव ढाबाडीह में शोक है। शादी वाले घर में मंडप तो सजा है पर आंगन में खुशी का माहौल नहीं मातम पसरा हुआ है। बारात जाने से पहले दूल्हा घर के आंगन में तुलसी की पूजा कर निकला था। नई दुल्हन लाने के बाद गुरुवार को घर में पूजा होनी थी। ताकि नई जिंदगी की शुरुआत कर सके, लेकिन यही दिन भुवन की जिंदगी का आखिरी दिन बन गया। बुधवार को बहन रेशमा के घर सभी चौथिया गए थे। गुरुवार को दोपहर एक बजे घर में चौका पूजा होने वाली थी। उसी वक्त भुवन की अर्थी उठी।

मृतक भुवन के पिता द्वारिका सार्वा खेती किसानी करते हैं। उनकी मां शारदा बाई गृहिणी है। एक साथ बड़े बेटे भुवन और बेटी रेशमा की शादी एक ही मंडप में हुई। छोटा भाई प्रमेंद्र भी अपने बड़े भैया के साथ कंप्यूटर सेंटर चलाता है। शिक्षक लालेश्वर सिन्हा ने कहा कि भुवन बहुत ही व्यवहारिक और मिलनसार इंसान था। उनके खोने का गम पूरे गांव को है। यह बहुत ही दुखद घटना है।

कूलर पर इस्तेमाल को लेकर सावधानी और निर्देश लिखे रहते हैं। हमेशा सिर्फ थ्री पिन प्लग प्रयोग करें। बिना पानी के पंप चालू ना करें। कूलर की नियमित सफाई करें। चालू कूलर को स्पर्श ना करें। बरसात के मौसम में पंप का इस्तेमाल ना करें। कूलर में पानी डालते वक्त पूरी तरह से प्लग निकाल दें ताकि करंट लगने का कोई खतरा ही ना हो। चलते कूलर के पास छोटे बच्चों को भी न जाने दें। ऐसी सावधानी बरतने के बाद ही इस तरह के हादसे रोके जा सकते हैं।