कैंसर से जूझ रहे हैं पिता..रितिका ने IAS बनकर पूरा किया उनका सपना

New Delhi : तमाम परेशानियों के बावजूद मोगा की रितिका ने IAS की परीक्षा में 88वीं रैंक हासिल की। रितिका के पिता लंग कैंसर से जूझ रहे हैं। पिता की देखभाल के साथ ही वो अपनी तैयारियां भी कर रही थीं। चार साल की मेहनत में उन्हें ये कामयाबी मिली है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट रितिका ने दूसरे अटेम्प्ट में ये सफलता हासिल की। इस सफलता के बाद रितिका मानती हैं कि अब उनके पापा जल्दी ठीक हो जाएंगे। पिता बेटी की इस सफलता से बेहद खुश हैं। 12वीं बोर्ड के रिजल्ट में रितिका की ऑल इंडिया चौथी रैंक आई थी। वहीं, ग्रैजुएशन में उन्होंने तीसरी रैंक हासिल की थी। इस दौरान उनके पास कई प्लेसमेंट ऑफर आए, लेकिन आईएएस बनने की इच्छा के चलते उन्होंने सब ठुकरा दिया। रितिका के अनुसार, पापा का सपना है कि वो एक अच्छी IAS ऑफिसर बने और कुछ अच्छा काम करें।

रितिका भी एजुकेशन, हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी फील्ड में समाज को बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहती हैं। पहली बार, 2017 में इंटरव्यू राउंड तक पहुंचने वाली रितिका ने इस बार दोगुनी मेहनत की थी। उन्होंने घर के माहौल को चैलेंज की तरह लिया था और अपने पापा का सपना पूरा किया।

रितिका के पिता का लुधियाना के एक हॉस्पिटल में कैंसर का इलाज चल रहा है। उन्हें दूसरी बार कैंसर हुआ है। पिता की बीमारी के बारे में पता चलने के बाद भी रितिका ने हिम्मत नहीं हारी और मेहनत करती रहीं। रितिका के पिता अमृतलाल नेस्ले इंडिया में प्रोडक्ट मैनेजर हैं।