पुलवामा में शहीद की पत्नी ने कहा-मसूद अजहर को मौत मिलनी चाहिए

New Delhi : पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों की आंखों से आंसू अभी थमे नहीं हैं। बुधवार को जब पुलवामा हमले के मास्टर माइंड मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया गया तो शहीद जवानों के परिजनों को आतंकवाद की जंग में जीत की आशा दिखाई पड़ी। शहीद विजय मौर्य के परिवार ने खुशी जताते हुए कहा कि मसूद अजहर को मौत की सजा मिलनी चाहिए।

देवरिया के भटनी थाना क्षेत्र के छपिया जयदेव गांव रहने वाले विजय मौर्या (30) पुत्र रामायन मौर्या सीआरपीएफ की 92वीं बटालियन में तैनात थे। जम्मू कश्मीर के कूपवाड़ा में उनकी तैनाती थी। 2 फरवरी को वे 10 दिन की छुट्टी लेकर घर आए थे। वे नौ फरवरी को ड्यूटी पर जम्मू के लिए रवाना हो गए। लेकिन पुलवामा में फिदायीन आतंकी ने जिस सीआरपीएफ काफिल में शामिल गाड़ी को विस्फोट कर उड़ाया, उसी गाड़ी में विजय मौर्या सवार थे। इस हमले में विजय मौर्या शहीद हुए।

बुधवार को जब मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया गया तो शहीद विजय मौर्य की पत्नी विजय लक्ष्मी के जख्म फिर से ताजा हो गए। आंखों में आंसू व पति को खोने का गाम उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। लेकिन उन्होंने खुशी जाहिर की और कहा कि हमको इस बात की खुशी है कि उसे सबक सिखाने वाला कोई मिला है। हम प्रधानमंत्रीजी को धन्यवाद देते हैं इसके लिए। उसको मौत की सजा होनी चाहिए।