सादगी की मिसाल थे पर्रिकर, स्कूटर पर ऑफिस और बाजार जाते थे, खुद लाइन में लगकर करवाते थे काम

New Delhi : पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का 63 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर निधन पर दुख जताया। पर्रिकर का दिल्ली के एम्स में में काफी दिनों से इलाज चल रहा था

गोवा के तीन बार मुख्यमंत्री रहे मनोहर पर्रिकर की छवि हमेशा सादगी भरी रही। मीडिया में मनोहर पर्रिकर को अक्सर स्कूटर पर यात्रा करने वाले नेता के तौर पर पेश किया जाता रहा। पर्रिकर पणजी में स्थानीय बाजारों से खरीदारी के लिए स्कूटर का इस्तेमाल करते थे। यहां तक कि पर्रिकर को आम आदमी की तरह कतार में खड़े हुए भी देखा गया। एक बार मनोहर पर्रिकर पुणे में एक शादी के कार्यक्रम में कतार में खड़े नजर आए थे। इसके अलावा स्कूटर की सवारी करते हुए उनकी कई तस्वीरें भी वायरल हुई थी।

अपने सादगी के लिए मशहूर मनोहर पर्रिकर मोदी सरकार में रक्षा मंत्री भी थे। वह पर्रिकर ही थे जिनके रक्षा मंत्री रहते भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान को सबक सिखाया था। मनोहर पर्रिकर 2000 से 2005, 2012 से 2014 और 2017 से अक्टूबर 2018 तक गोवा के मुख्यमंत्री थे। वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके थे, लेकिन 2017 में गोवा का सीएम बनने के बाद उन्होंने सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

मनोहर पर्रिकर ने साल 1988 में राजनीति में कदम रखा था और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े। साल 1994 में वह पहली बार गोवा विधानसभा में विधायक चुने गए थे। इसके बाद पर्रिकर 1994 से 2001 तक गोवा में बीजेपी के महासचिव और प्रवक्ता थे। 13 दिसंबर 1955 को उत्तरी गोवा के मापुसा में जन्मे मनोहर पर्रिकर की स्कूली शिक्षा गोवा में ही मारगाओ से हुई। इसके बाद उन्होंने आईआईटी बॉम्बे में दाखिला लिया। साल 1978 में उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से मेटलर्जिकल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।

मनोहर पर्रिकर की साल 1981 में मेधा पर्रिकर से शादी हुई थी। साल 2000 में मनोहर पर्रिकर की पत्नी मेधा पर्रिकर का कैंसर के कारण निधन हो गया। पिछले साल कैंसर का इलाज कराने के लिए मनोहर पर्रिकर अमेरिका भी गए थे। अमेरिका से इलाज करा कर वो 15 सितंबर को वापस देश लौटे थे, वह पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे।