गीताजंलि का गजब आइडिया..खेती में नया प्रयोग करके बनाई कंपनी..टर्नओवर पहुंचा 8.40 करोड़

New  Delhi : हमारे देश में कुछ लोग समझते हैं कि खेती में कोई पैसा नहीं है बस फालतू की मेहनत है। ऐसे लोगों के लिए आज हम एक महिला की कहानी लेकर आए हैं। जिसने खेती को आधार बनाकर बड़ी कंपनी खोली और जमकर मुनाफा कमा रही हैं।

37 साल की गीतांजलि राजामणि बेंगलुरू की रहने वाली हैं। वो खेती में अलग तरीका अपनाकर खुद के साथ-साथ किसानों की आमदनी भी बढ़ा रही हैं। 2017 में इन्होंने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर स्टार्टअप कंपनी फार्मिजन शुरू की थी। अब इनकी कंपनी बेंगलुरू, हैदराबाद और सूरत में काम कर रही है।

कैसे काम करती है इनकी कंपनी : गीताजंलि की कंपनी एक तरफ किसानों से बराबरी की पार्टनरशिप कर उनसे जैविक खेती करवाती है। तो दूसरी ओर उनके खेत को 600-600 वर्गफुट के आकार में बांटकर ग्राहकों को किराए पर देती है। जिसकी दर 2500 रुपए प्रति माह की होती है। मोबाइल एप से ग्राहक अपने चुने प्लॉट में पसंद की सब्जियां लगवाते हैं और सब्जियां तैयार होने पर कंपनी का वाहन ग्राहकों के घर तक पहुंचा देता है। इससे दो फायदे हो रहे हैं। पहला तो ग्राहकों को 100% ऑर्गेनिग सब्जियां घर बैठे मिल रही हैं। दूसरा, किसानों की कमाई तीन गुना बढ़ गई है। कंपनी के ग्राहकों की संख्या 3000 के आंकड़े को पार कर गई है। इसका सालाना टर्नओवर 8.40 करोड़ रुपए का है। गोल्डमैन साक्स और फॉर्च्यून ने पिछले साल अक्टूबर में गीतांजलि को ग्लोबल वुमन लीडर से नवाजा है।

गीतांजलि कहती हैं हम जो सब्जियां खाते हैं उनमें कीटनाशक भी होते हैं। यह शरीर के लिए घातक हैं। इसी को ध्यान में रखकर दो साल पहले फार्मिजन शुरू करने का आइडिया आया। हमारे घर के पास में एक किसान थे। सोचा उनसे कुछ जमीन किराए पर लेकर खुद सब्जियां उगाते हैं। किसान से कहेंगे सब्जियों पर कीटनाशक न डाले। हमने एप बनाया। जून 2017 में पहला खेत लॉन्च किया। अब हम बेंगलुरू, हैदराबाद और सूरत में 46 एकड़ में काम कर रहे हैं।