आर्टिकल 370 : न्यूयार्क टाइम्स ने लिखा-ये नया भारत है और PM मोदी अपने फैसले से पीछे नहीं हटते

New Delhi : आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। वहीं दुनिया भर से भारत को समर्थन मिल रहा है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी इस फैसले को लेकर मोदी की शान में कसीदे काढ़े हैं। साथ ही कश्मीर में मुस्लिमों के कथित जनसंहार का दुष्प्रचार करने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को जमकर लताड़ लगाई है।

अब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी भारत का समर्थन किया है। अमेरिका के प्रख्यात विश्लेषक रोजर कोहेन ने न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित अपने लेख में लिखा है, ‘जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर भारत ने इसे अपना अभिन्न हिस्सा बना लिया है। ये फैसला जम्मू-कश्मीर के विकास और उसके बेहतर भविष्य के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी इस फैसले को किसी भी सूरत में वापस लेने वाले नहीं हैं।’ न्यूयॉर्क टाइम्स ने पहली बार अपने किसी लेख में भारत के इस कदम का समर्थन किया है।

रोजर कोहेन के अनुसार, ‘मोदी कश्मीर की स्वायत्ता को खत्म करने के फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। भारतीय इतिहास का वह दौर खत्म हो चुका है। मैं ये दावा कर सकता हूं कि मोदी सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसले, नए व एकीकृत कश्मीर क्षेत्र सहित पूरे भारत की तस्वीर बदलने वाले हैं।’ कोहेन ने इसके साथ ही पाकिस्तान के लिए लिखा है कि उन्हें भारत के इस फैसले को स्वीकार कर आगे बढ़ना चाहिए। कोहेन ने ये लेख इमरान-ट्रंप की सोमवार को हुई मुलाकात से कुछ घंटे पहले ही लिखा था।

कोहेन ने आगे लिखा है, ‘ह्यूस्टन में आयोजित हाउडी मोदी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कश्मीर मुद्दे पर भारत के कदम का समर्थन कर चुके हैं। ये सच है कि भारत के इस फैसले के बाद से कश्मीर में रक्तपात कम हुआ है। बावजूद पाकिस्तान लगातार कश्मीर में नरसंहार बढ़ने के झूठे आरोप लगा रहा है। सवाल ये है कि क्या मोदी के पास कश्मीर मुद्दे पर कोई विकल्प था? क्या अस्थाई रूप से लागू किया गया अनुच्छेद 370 कभी भी कश्मीर द्वारा समाप्त किया जाता? क्या कभी ऐसा होता कि स्थानीय भ्रष्ट राजनेता व सक्षम लोग कश्मीरी जनता के गले मिलते और उन्हें बेहतर भविष्य प्रदान करते? मुझे लगता है कि अब ये हो सकता है।’