NSA अजीत डोभाल ने बनाया था सर्जिकल स्ट्राइक का प्लान..पाकिस्तान को घर में घुसकर सिखा दिया सबक

New Delhi : आज ही के दिन भारत ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी और उरी हमले का बदला लिया था। NSA अजीत डोभाल ने इस सर्जिकल स्ट्राइक का प्लान बनाया था। अजीत डोभाल एक ऐसे भारतीय है जो खुलेआम पाकिस्तान को एक और मुंबई के बदले बलूचिस्तान छीन लेने की चेतावनी देने से गुरेज़ नहीं करते।

अपने देश के लिए वो पाकिस्तान में सात साल तक मुसलमान बनकर रहे थे। अजीत डोभाल भारत के एकमात्र ऐसे IPS हैं जिन्हे सैन्य सम्मान कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में 20 जनवरी, 1945 को अजीत डोभाल का जन्म हुआ था। उनके पिता इंडियन आर्मी में थे। अजीत डोभाल आई.पी.एस. और भारत के वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। उन्होंने अजमेर मिलिट्री स्कूल से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने आगरा यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया है। 1968 केरल बैच के आईपीएस अफसर अजीत डोभाल अपनी नियुक्ति के चार साल बाद साल 1972 में इंटेलीजेंस ब्यूरो से जुड़ गए थे।

डोभाल ने अपने करियर में ज्यादातर समय खुफिया विभाग में ही काम किया है। वो सात सालों कर पाकिस्तान में खुफिया जासूस के रूप में रहे। अजीत डोभाल 33 साल तक नार्थ-ईस्ट, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में खुफिया जासूस रहे हैं, जहां उन्होंने कई अहम ऑपरेशन किए हैं। साल 2005 में एक तेज तर्रार खुफिया अफसर के रूप में स्थापित अजीत डोभाल इंटेलीजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर पद से रिटायर हो गए। 30 मई, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजीत डोभाल को देश के 5वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया।

इसके बाद साल 2009 में अजीत डोभाल विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के फाउंडर प्रेसिडेंट बने। इस दौरान वो न्यूज पेपर में लेख भी लिखते रहे। 1989 में सवर्ण मंदिर से चरमपंथियों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन ब्लैक थंडर’ चलाया गया था इसका नेतृत्व अजीत डोभाल ने ही किया था। उन्होंने पंजाब पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के साथ मिलकर खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों के दल के साथ मुख्य भूमिका निभाई थी। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान उन्होंने एक जासूस की भूमिका निभाई और भारतीय सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई, जिसकी मदद से सैन्य ऑपरेशन सफल हो सका।