13 जून को है सबसे बड़ी निर्जला एकादशी, भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है यह दिन

New Delhi :  विष्णुपुराण के अनुसार एकादशी का दिन भगवान विष्णु को बेहद प्रिय होता है। 13 जून को निर्जला एकादशी है। निर्जला एकादशी को सबसे श्रेष्ठ एकादशी कहा गया है। इस दिन बिना पानी पिएं एवं अन्न ग्रहण किए व्रत रखा जाता है। इस व्रत में भगवान विष्णु की अराधना की जाती है। मगर विष्णु जी की पूजा के समय हमें कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

चूंकि ये व्रत बिना पानी के रहा जाता है इसलिए ब्रम्ह मुहुर्त के बाद जल ग्रहण नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये त्याग की भावना को दर्शाता है। ईश्वर को धन्यवाद देने के लिए इस दिन अन्न भी ग्रहण नहीं करना चाहिए। क्योंकि एक दिन अन्न के त्याग से आप वो अन्न ऐसे जरूरतमंद को दान कर सकते हैं, जिसे उसकी ज्यादा जरूरत हो।

निर्जला एकादशी का व्रत बहुत पुण्य फल देने वाला होता है। इस दिन मन को शुद्ध रखना चाहिए। एकादशी के दिन कभी भी दूसरों की बुराई नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से व्रत का फल नहीं मिलेगा। निर्जला एकादशी के दिन कभी भी बड़ों का अपमान नहीं करना चाहिए। क्योंकि बृहस्पति देव को वरिष्ठ माना जाता है। ऐसे में एकादशी व्रत में किसी बुजुर्ग को अपशब्द कहने से व्यक्ति का दुर्भाग्य आ सकता है।