अयोध्या मामला: मुस्लिम पक्ष ने कहा-हम मान लेते हैं कि राम का जन्म वहां हुआ

New Delhi : अयोध्या विवाद पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में 29वें दिन सुनवाई हुई। इस दौरान मुस्लिम पक्षकार ने कहा- हम राम का सम्मान करते हैं। जन्मस्थान का भी सम्मान करते हैं। इस देश में अगर राम और अल्लाह का सम्मान नहीं होगा तो देश खत्म हो जाएगा।

मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने सोमवार को बहस को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘हम मान लेते हैं कि राम का जन्म वहां हुआ, निर्मोही अखाड़ा वहां चबूतरे पर राम की पूजा करते थे। लेकिन अंदर मस्जिद थी और वहां नमाज पढ़ी जाती रही। सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से पेश वकील राजीव धवन ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच के सामने यह दलील दी।

मुस्लिमों के पक्षकार ने कहा- पूरी विवादित जमीन जन्मस्थान नहीं हो सकती। जैसा कि हिंदू पक्ष दावा करते हैं, कुछ तो निश्चित स्थान होगा। पूरा क्षेत्र जन्मस्थान नहीं हो सकता। अपनी दलीलों के समर्थन में राजीव धवन ने हिंदू पक्ष की तरफ से परिक्रमा पथ के बारे में गवाहियों का जिक्र किया। धवन ने कहा कि जन्मस्थान की परिक्रमा करने के बारे में सभी गवाहों ने अलग-अलग बातें कही हैं। कुछ ने कहा कि राम चबूतरे परिक्रमा होती थी, कुछ ने कहा कि दक्षिण में परिक्रमा होती थी।

धवन ने दलील दी कि 1528 में मस्जिद बनाई गई थी और 22 दिसंबर 1949 तक वहां लगातार नमाज हुई। वहां तब तक अंदर कोई मूर्ति नहीं थी। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के दो जजों के फैसलों के हवाले से मुस्लिम पक्ष के कब्जे की बात कही। उन्होंने कहा कि बाहरी अहाते पर ही उनका अधिकार था। दोनों पक्षकारों के पास 1885 से पुराने राजस्व रिकॉर्ड भी नहीं हैं।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई चल रही है। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में संविधान पीठ के सामने अब तक हिंदू और मुस्लिम पक्ष के साथ निर्मोही अखाड़े की तरफ से दलीलें पेश की जा चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला नवंबर मध्य में आने की उम्मीद है। 18 सितंबर को चीफ जस्टिस ने कहा था कि हम 18 अक्टूबर तक सुनवाई खत्म करना चाहते हैं ताकि जजों को फैसला लिखने में चार हफ्ते का वक्त मिले। इसके लिए सभी को मिलकर सहयोग करना चाहिए।