बच्चे को बचाने के लिए तेंदुए से निहत्थे ही भिड़ गई मां, जानपर खेलकर बच्चे को बचाया

New Delhi : मां से बहादुर इस दुनिया में कोई नहीं। इस बात को सही साबित किया है पुणे की एक महिला ने। जिसने अपनी जान की परवाह किए बगैर तेंदुए के मुंह से अपने 18 महीने के बच्चे को बचाया। पूरा मामला पुणे के पिंपरी चिंचवड इलाके की तालुका जुन्नर का है।

यहां गन्ने की खेती अधिक की जाती है। इन दिनों गन्ना किसान खेत में खड़ी तैयार फसल काट रहे हैंञ इसके लिए उन्होंने खेतों में भी अपनी झोपड़ियां डाल ली हैं।वहीं, एक महिला किसान अपने 18 महीने के बच्चे के साथ खेतों में सो रही थी। रात के 1।30 बजे एक तेंदुए ने बच्चे पर हमला कर दिया। तेंदुए के गुर्राने की आवाज़ से उसकी मां जाग गई और उसने अपने हाथों से ही चीते पर वार करना शुरू कर दिया। उन्होंने मदद के लिए आवाज़ भी दी।

तेंदुए ने अपने ऊपर हमला होते देख, बच्चे की गर्दन छोड़ उसकी मां का हाथ जबड़े में भर लिया लेकिन महिला की सुझ-बूझ और साहस के चलते तेंदुए को हार माननी पड़ी और वो गन्ने के खेतों में भाग गया।

महिला के चीखने की आवाज सुनकर वहां मौजूद और लोग जाग गए और उन्होंने वन अधिकारियों को फ़ोन किया। वन अधिकारियों ने बच्चे और उसकी मां को पिंपरी चिंचवड के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। फ़िलहाल मां और बच्चा दोनों ठीक हैं। बच्चे के गर्दन और आंख पर तेंदुए के दांत के निशान हैं। महिला के भी हाथों में चोट के निशान हैं।