मिसाल : दूल्हा IAS और दूल्हन IRS…सिर्फ 100 रुपए में हुई दोनों की शादी

New Delhi : शादी में होने वाले खर्च, शोर-शराबे, भारी ताम-झाम और दिखावे से दूर रहकर एक गाजियाबाद में एक आईएएस और आईआरएस अधिकारी ने बेहद सादगी भरे ढंग में एकदूजे का हाथ थामकर समाज के लिए एक नई मिसाल पेश की है।

दरअसल, शादियों में फिजूलखर्च रोकने का संदेश देने के लिए कविनगर निवासी एक ट्रेनी आईएएस अधिकारी ने बुधवार को एक आईआरएस अधिकारी से मंदिर शादी रचाई। दोनों का कहना है कि लगातार शादी का खर्च बढ़ रहा है और ऐसी ही फिजूलखर्ची रोकने का संदेश देने के लिए उन्होंने इस तरह सादगी से शादी की है।

गाजियाबाद के कविनगर में रहने वाले नवीन कुमार चंद 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं तो उनकी पत्नी रंजना कुमारी राजस्थान के गांव सुजानगढ़ की रहने वाली है। रंजना भी 2017 बैच की आईआरएस अधिकारी हैं। दोनों फिलहाल मसूरी एकेडमी में ट्रेनिंग ले रहे हैं।

ट्रेनी आईएएस नवीन कुमार के पिता रामदेव और माता स्वर्ण लता ने बताया कि नवीन शादी में होने वाले फिजूलखर्च के हमेशा से खिलाफ रहे हैं। इसके लिए उन्होंने बुधवार को राजस्थान की रहने वाली आईआरएस अधिकारी अंजना से मंदिर में शादी करने के बाद उन्होंने सदर तहसील में जाकर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी का रजिस्ट्रेशन कराया। शादी के दौरान दूल्हा-दुल्हन के माता-पिता और सिर्फ कुछ करीबी लोग ही मौजूद रहे। दोनों की शादी शादी में सिर्फ फूल माला का खर्च आया जो कि लगभग 100 रुपए था।

शादियों में फिजूलखर्ची रोकने का संदेश देने के लिए कोर्ट मैरिज की है। शादी में फिजूलखर्च से न केवल लड़की के परिवार पर बोझ पड़ता है, बल्कि पैसों का दुरुपयोग भी होता है। इस रकम से वह समाज के दबे-कुचले वर्ग के लोगों के लिए कोई काम करेंगे। वहीं आईआरएस अधिकारी रंजना कुमारी ने कहा कि उनकी पहले से प्लानिंग थी कि शादी बिल्कुल सादगी से करेंगी और समाज में फिजूलखर्ची को रोकने का संदेश देंगे।