फर्जी बला’त्कार के मामले पर आग बबूला हुआ कोर्ट..कहा-कोई भी लड़की भूलकर भी ऐसा ना करें वरना

New Delhi :  महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने एक रे’प पीड़िता से दो लाख का मुआवज़ा वापस लेने का आदेश दिया है। ये इस तरह का पहला ऐसा मामला है, जहां कोर्ट ने ऐसा फ़ैसला सुनाया है क्योंकि पीड़िता अपने बयान पर कायम नहीं रही। कोर्ट ने कहा है कि जब आपसी सहमति थी तो कोर्ट का समय क्यों बर्बाद किया गया।

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, इस केस में पीड़िता ने अप्रैल 2015 में एफ़आईआर दर्ज करवाई थी। पीड़िता का आरोप था कि अभियुक्त ने शादी का झांसा देकर शारी’रिक संबंध बनाए और बाद में उसके माता-पिता के तैयार ना होने पर शादी से मुकर गया।

पीड़िता उस वक़्त 17 साल की थी. कोर्ट में अपने बयान में उसने कहा, ‘एफ़आईआर के बाद लड़के के माता-पिता मान गए। जनवरी 2017 में शादी भी हो गई। हमारा एक बच्चा भी है। साथ ही पीड़िता ने कहा कि वह अपराध के वक़्त नाबालिग नहीं थी और ना ही उसके साथ रे’प हुआ। कोर्ट इस पर बहुत नाराज हुआ। कोर्ट ने कहा है कि इस तरह के मामलों से हमारा समय बर्बाद ना करें। लड़कियां फर्जी मुकदमें करेगी तो हम उल्टा उस पर ही कार्रवाई करनी पड़ेगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *