केरल हाईकोर्ट का फैसला : महज अपनी अ;श्लील तस्वीरें अपने पास रखना कोई अपरा’ध नहीं

New Delhi : केरल हाइकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ अपने पास अ’श्लील तस्वीरें रखना कोई अपरा’ध नहीं है। अदालत ने एक व्यक्ति और एक महिला के खिलाफ आ’पराधिक मुकदमे को निरस्त करते हुए यह फैसला सुनाया।

कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए साफ किया है ऐसी तस्वीरों का प्रकाशन या वितरण कानून के तहत दं’डनीय अपरा’ध है। केरल हाई कोर्ट ने कहा है कि महज अ’श्लील तस्वीरें रखना स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध कानून के तहत अपरा’ध नहीं है हालांकि ऐसी तस्वीरों का प्रकाशन या वितरण कानून के तहत दं’डनीय है।

न्यायमूर्ति राजा विजयवर्गीय ने हाल में एक आदेश में कहा, अगर किसी वयस्क व्यक्ति के पास अपनी कोई तस्वीर है जो अ’श्लील है तो 1968 के कानून 60 के प्रावधान तब तक उस पर लागू नहीं होंगे जब तक कि उन तस्वीरों को किसी अन्य उद्देश्य या विज्ञापन के लिए वितरित या प्रकाशित न किया जाए।

हाई कोर्ट ने उस याचिका पर अपना फैसला दिया जिसमें एक व्यक्ति और महिला के खिलाफ मुकदमे को रद्द करने की मांग की गई थी। यह मामला कोल्लम में एक मजिस्ट्रेट अदालत में लंबित था। यह मामला 2008 में दर्ज किया गया था। पुलिस ने कोल्लम में एक बस अड्डे पर तलाशी अभियान के दौरान दोनों लोगों के बैगों की जांच की थी जो एक साथ थे। तलाशी में दो कैमरे मिले थे। जांच करने पर यह पाया गया कि उनके पास उनमें से एक की अ’श्लील तस्वीरें और वीडियो हैं। उन्हें गिरफ्ता’र कर लिया गया था और कैमरे जब्त कर लिए गए थे