हर नागरिक को पता होने चाहिए 18 कानूनी धाराएं….कोई सरकारी अधिकारी आपको परेशान नहीं कर पाएगा

New Delhi :  आज हम बात करेंगे भारत के लोगों की कुछ अधिकारों के बारे में। जिसके के बारे में उनको बिल्कुल भी पता नहीं होता और इस वजह से उन्हें कई प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ता है। और वह बेवजह परेशान किए जाते हैं। आज हम भी ऐसे ही अधिकारों के बारे में बात करेंगे।

यदि आप गाड़ी चला रहे हैं तो आपके 100ml खून में एल्कोहल की मात्रा 30mg से ज्यादा मिलता है तो, आपको मोटर वाहन एक्ट 1988 सेक्शन 185, 202 के तहत बिना किसी वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है। 2-पुलिस किसी महिला को शाम 6:00 बजे के बाद और सुबह 6:00 बजे से पहले गिरफ्तार नहीं कर सकती। अपराधिक प्रक्रिया संहिता सेक्शन 40 के तहत भारत के सभी महिलाओं को यह अधिकार है। 3-भारतीय दंड संहिता की 166 ए के तहत पुलिस ऑफिसर FIR लिखने से किसी को मना नहीं कर सकता है। यदि वह ऐसा करता है तो उसे 6 महीने से लेकर 1 साल तक की जेल हो सकती है।

4-भारतीय सरिउस अधिनियम धारा 1887 के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार प्राप्त है कि, वह भारत के किसी भी होटल चाहे वह फाइव स्टार क्यों ना हो, वहाँ से पानी पी सकता है। और वहां का वॉशरूम इस्तेमाल कर सकता है। यदि कोई होटल मालिक आपको ऐसा करने से रोके तो आप उसके खिलाफ लीगल एक्शन भी ले सकते हैं। 5- भारतीय दंड संहिता के व्यभिचार धारा 498 के तहत कोई भी शादीशुदा व्यक्ति किसी अविवाहित लड़की या विधवा महिला के साथ उसकी सहमति के साथ शारीरिक संबंध बनाता है तो यह अपराध की श्रेणी में नहीं आएगा। 6-यदि कोई व्यक्ति लड़का और लड़की अपनी मर्जी से लिव-इन रिलेशनशिप में रहना चाहते हैं तो, यह घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत यह गैर कानूनी गैरकानूनी बिल्कुल नहीं है। और इन दोनों से पैदा होने वाली संतान गैर कानूनी नहीं मानी जाएगी। इसके अलावा संतान को अपने माता-पिता की संपत्ति का पूरा हक मिलेगा।

7-पुलिस एक्ट 1807 के अंतर्गत कोई पुलिस अधिकारी हमेशा ड्यूटी पर रहता है, चाहे वह यूनिफॉर्म में हो या ना हो। यदि कोई व्यक्ति उस अधिकारी से कोई शिकायत करता है तो, वह उसे यह कह कर मना नहीं कर सकता कि वह ड्यूटी पर नहीं है। क्योंकि एक पुलिस अधिकारी हमेशा ड्यूटी पर रहता है। 8-मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 के अंतर्गत कोई भी कंपनी किसी भी गर्भवती महिला को नौकरी से नहीं निकाल सकता यदि कोई कंपनी ऐसा करेगा तो उसे अधिकतम 3 साल तक की सजा होने का प्रावधान है। 9-टैक्स उल्लंघन के मामले में कर वसूली अधिकारी को आयकर अधिनियम 1961 के अंतर्गत आपको गिरफ्तार करने का अधिकार है। लेकिन गिरफ्तार करने से पहले उसे आपको एक नोटिस भेजना पड़ेगा। केवल टैक्स कमिश्नर फैसला करेगा कि आपको कितनी देर तक हिरासत में रखना है।

10- हिंदू मैरिज एक्ट धारा 13 के तहत कोई पति या पत्नी कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दे सकते हैं। यदि उनके पास यह निम्न कारण मौजूद है – शादी के बाहर शारीरिक रिश्ता बनाना, शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना, नपुंसकता, बिना बताए छोड़ कर जाना, हिंदू धर्म छोड़कर किसी और धर्म को अपना लेना, पागलपन, लाइलाज बीमारी, वैराग्य लेने और 7 साल तक कोई अता-पता नहीं होने के आधार पर आप तलाक की अर्जी दाखिल की जा सकती हैं। 11-मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 के अनुसार वाहन चलाने वालों को हेलमेट लगाने का प्रावधान है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 128 बाइक पर दो व्यक्तियों के बैठने का प्रावधान भी है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस द्वारा गाड़ी का मोटरसाइकिल की चाबी निकाल लेना यह गैरकानूनी है। इसके लिए आप चाहे तो उस कांस्टेबल ने अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करवा सकते हैं।

12-भारतीय दंड संहिता 1973 के बाद केवल महिला पुलिसकर्मी ही महिलाओं को गिरफ्तार करके थाने ला सकती हैं। कोई पुरुष पुलिसकर्मी किसी महिला को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं रखता। इतना ही नहीं महिलाओं को शाम 6:00 बजे के बाद और सुबह 6:00 बजे से पहले पुलिस स्टेशन ले जाने की मनाही है। गंभीर अपराध के मामले में मजिस्ट्रेट से लिखित आदेश प्राप्त होने पर एक पुरुष पुलिसकर्मी किसी महिला को गिरफ्तार कर सकता है। 13-आपको यह बात पता होनी चाहिए कि, यदि आपका गैस सिलेंडर खाना बनाते वक्त फट जाए, तो आप जान और माल की भरपाई के लिए गैस सिलेंडर कंपनी से 40 लाठ रुपए तक की डिमांड कर सकते हैं। यह राशि आपकी मदद के रूप में आपको दी जाती है।

14-आपको यह जानकर बहुत ताज्जुब हो सकता है कि, यदि आप किसी कंपनी से किसी त्यौहार के मौके पर भी कोई गिफ्ट ले रहे हैं तो, यह विदेशी अंशदान अधिनियम 2010 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। और इस जुर्म के लिए आपको सजा भी हो सकती है। 15-यदि आपका चालान बिना किसी बिना हेलमेट या किसी अन्य कारण से काट लिया गया है तो, मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2016 के तहत फिर दोबारा उसी अपराध के लिए उसी दिन आपका चालान नहीं काटा जा सकता।

16 -अधिकतम खुदरा मूल्य अधिनियम 2014 के अंतर्गत कोई भी दुकानदार किसी उत्पाद के लिए उस पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक तक की रुपए की मांग नहीं कर सकता। लेकिन उपभोक्ता अधिकतम खुदरा मूल्य से कम पर उत्पाद को खरीदने के लिए दुकानदार से मोलभाव जरूर कर सकता है। 17-यदि आप किसी जगह पर कार्य करते हैं और आपका मालिक या ऑफिस आप को सैलरी नहीं दे रहा है तो, परिसीमा अधिनियम 1963 के तहत आप उसके खिलाफ 3 साल के अंदर कभी भी रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। लेकिन यदि आप 3 साल के बाद रिपोर्ट कराएंगे, तो आपको कुछ भी हासिल नहीं हो पाएगा। 18- यदि आप सार्वजनिक जगह पर गंदी गतिविधि करते हुए पकड़े जाते हैं तो, आपको भारतीय दंड संहिता की धारा 294 के तहत 3 महीने की कैद हो सकती है। परंतु गंदी गतिविधियों का कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं होने के कारण पुलिस इस कानून का दुरुपयोग बिल्कुल नहीं कर सकते।