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फिल्म इमरजेंसी के लिए कंगना ने गिरवी रख दी अपनी सारी प्रॉपर्टी,कहा-मेरे स्वर्णिम हिस्से का अंत

New Delhi: पद्मश्री एक्ट्रेस कंगना रनौत ने कहा कि- आज एक एक्टर के रूप में मैंने इमरजेंसी की शूटिंग पूरी कर ली है… मेरे जीवन का एक बहुत ही शानदार चरण, यह पूरी तरह से पूरा हो गया है। कंगना ने फिल्म की शूटिंग खत्म करने के बाद भावुक पोस्ट भी किया है। उन्होंने इस पोस्ट में लिखा कि एक एक्टर के तौर पर इमरजेंसी का शूट खत्म करने के बाद मेरे जीवन के सबसे स्वर्णिम हिस्से का अब अंत हो रहा है। ऐसा लग रहा होगा कि मेरे लिए ये आसान रहा होगा लेकिन सच्चाई इससे कोसो दूर है। मैंने अपनी खरीदी हुई हर चीज इसके लिए गिरवी रख दी।

मैं एसएम पर अपनी भावनाओं के बारे में बहुत खुली हूं लेकिन मैंने ईमानदारी से यह सब शेयर नहीं किया क्योंकि मैं नहीं चाहती थी जो लोग बेवजह चिंता करें। मैंने ये बात इसलिए भी नहीं शेयर की ताकि मेरी चिंता करने वाले परेशान न हों। और जो मुझे गिरते हुए देखना चाहते थे, मैं उन्हें अपने दर्द की खुशी नहीं देना चाहती थी।  इस पोस्ट में कंगना ने अपने फैन्स से मेहनत करते रहने की बात कही।

इमरजेंसी में कंगना रनौत ने भारत की पूर्व PM इंदिरा गांधी का रोल निभाया है। फिल्म में कंगना के अलावा अनुपम खेर, भूमिका चावला, मिलिंद सोमण, विशाख नायर, महिमा चौधरी, सतीश कौशिक भी मुख्य भूमिकाओं में हैं।  उन्होंने आगे कहा, ‘और जो लोग मुझे गिरते हुए देखना चाहते थे और जो मुझे पीड़ित करने के लिए सब कुछ कर रहे थे, मैं उन्हें अपने दर्द का सुख नहीं देना चाहती थी….साथ ही मैं उनके साथ शेयर करना चाहती हूं आप सब यह मानते हैं कि यदि केवल अपने सपनों के लिए या जो आप चाहते हैं उसके लिए कड़ी मेहनत करना ही काफी है, तो फिर से सोचें क्योंकि यह सच नहीं है… आपको कड़ी मेहनत करनी चाहिए जो दी गई है भले ही आप योग्य हों, आपको अपनी सीमा से परे परखा जाएगा और आपको अवश्य ही टूटना नहीं।’

कंगना ने आगे कहा कि, ‘मैं सोशल मीडिया पर अपनी फीलिंग्स शेयर करने के मामले में काफी सहज रहती हूं, लेकिन यह सब मैंने शेयर नहीं किया। ईमानदारी से कहूं तो मैंने इसलिए ऐसा नहीं किया, क्योंकि मैं नहीं चाहती थि कि जो लोग मुझे गिरते हुए देखना चाहते हैं उन्हें मेरे दर्द और तकलीफों से सुकून मिले। अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें। लेकिन, सिर्फ इतना ही काफी नहीं है। आपको कदम-कदम पर परीक्षाएं देनी होंगी। खुद को थामे रखिए। खुद को टूटने-बिखरने न दें। अगर, टूट भी जाओ तो समझो यह तुम्हारा पुनर्जन्म है। मेरे लिए भी यह पुनर्जन्म जैसा ही है।’