ISRO चीफ के सिवन ने जीता देश का दिल, बोले-तमिलनाडु का होने से पहले मैं एक भारतीय हूं

New Delhi : ISRO के वैज्ञानिक लैंडर विक्रम संपर्क साधने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। ISRO वैज्ञानिकों का हौंसला देखकर पूरी दुनिया ने ISRO को सलाम किया है क्योंकि चंद्रमा के जिस क्षेत्र में विक्रम को उतारा जाना था वहां आज तक दुनिया का कोई देश नहीं पहुंच सका है।

दूसरी ओर अब विक्रम लैंडर की लोकेशन का पता लग जाने के बाद से उससे संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। एक इसरो अधिकारी ने जानकारी दी की विक्रम चांद की सतह पर है और सही सलामत है। वह रफ लैंडिंग के कारण सिर्फ थोड़ा झुक गया है।

लैंडिग के कुछ मिनट पहले चांद छूने के भारत के सपने को निराशा में बदलते देख इसरो के अध्यक्ष डॉ के सिवन फफककर रो पड़े थे। जिसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें धीरज बंधाते हुए सभी वैज्ञानिकों को संबोधित किया था और कहा था कि ये एक बड़ा प्रयास है, हम आज नहीं तो कल सफल होंगे और पूरे देश को आप लोगों पर गर्व है।

के सिवान का इंटरव्यू लेते हुए सन टीवी ने जब उनसे पूछा कि एक तमिल के रूप में इतने बड़े पद पर रहते हुए आप तमिलनाडू के लोगों के क्या कहना चाहेंगे तो उनका जवाब शानदार था। सिवान ने कहा कि सबसे पहले तो मैं एक भारतीय हूं। मैंने एक भारतीय के रूप में इसरो को ज्वाइन किया था। इसरो वह जगह है जहां हर क्षेत्र और भाषा के लोग एक साथ मिलकर काम करते हैं। लेकिन मेरे लिए खुशी मना रहे अपने भाइयों का मैं दिल से शुक्रगुजार हूं। सिवन के इस जवाब से प्रभावित देशभर के लोग उनकी तारीफें कर रहे हैं। गौरतलब है कि कन्याकुमारी जिले के एक गांव से एक किसान के परिवार से आने वाले सिवन ने 1980 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की थी और 1982 में पीएसएलवी प्रोजेक्ट में इसरो के साथ काम किया।