सर्जिकल स्ट्रा’इक:हर जांबाज कमांडो के कंधों पर था 25 किलो गो’ला-बा’रूद,दु’श्मन को मा’रकर ही वापस आए

New Delhi : आज की तारीख भारतीय सेना के लिए बेहद खास है। 29 सितंबर 2016 को जवानों ने POK में घुसकर दुश्मन को मौ’त के घा’ट उतारा था। भारतीय सेना के कमांडो POK में 4-5KM अंदर तक गए और आ’तंकियों को मा’र गिराया। सेना के पैरा कमांडो के जवान पूरे ऑ’परेशन के दौरान अपने कंधों पर करीब 40 किलो का भार लादे हुए थे। जिसमें 25 किलो गो’लाबा’रूद था और 15 किलो जवान के लिए जरूरी सामान था।

यह ऑपरेशन बेहद खतरनाक था लेकिन भारतीय जवानों की तैयारियां इतनी ज्यादा थीं कि जवान सकुशल लौटकर आए। दरअसल, आ’तंकवादियों ने 18 सितम्बर 2016 को सुबह साढ़े 5 बजे उरी सेक्टर के पास स्थित आर्मी हेडक्वार्टर पर हम’ला किया था। आ’तंकियों की योजना थी कि निहत्थे और सोते हुए जवानों पर ता’बड़तो’ड़ फाय’रिंग कर ज्यादा से ज्यादा जवानों को मा’रा जाए। इस ह’मले में सेना के 18 जवान श’हीद हुए थे। चारों आ’तंकियों को सेना ने मा’र गि’राया था। भारत सरकार ने इस हमले को बहुत गंभीरता से लिया और आ’तंकियों पर सर्जिकल स्ट्रा’इक करने का फैसला लिया गया।

ऑपरेशन के लिए भारतीय सेना ने पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्स) Para SF को चुना। ऑपरेशन PoK में रात 12:30 बजे शुरू हुआ।2- Para SF के कमांडो को हेलिकॉप्टर से LoC पर उतारा गया। कमांडो ने कुछ किलोमीटर की दूरी रेंगकर तय की। सेना को आ’तंकी ठिकानों की पहले से सटीक जानकारी थी। कमांडो अत्याधुनिक ह’थियारों से पूरी तरह से लैस थे। ऑपरेशन सुबह 4:30 बजे खत्म हुआ। सेना ने PoK में चार अलग-अलग सेक्टर में ऑपरेशन किए। करीब 40-50 आ’तंकियों को मा’र गि’राया गया। आ’तंकि’यों के 7 कैंप पूरी तरह ध्व’स्त कर दिया गया। का’र्रवाई के बाद सभी सैनिक सही सलामत वापस लौट आए।