पत्नी से वादा किया लौटकर आऊंगा…वो आया भी लेकिन तिरंगे में लिपटकर, बेटा कहता रहा-पापा उठो ना

New Delhi :  इस महीने की शुरुआत में वायुसेना विमान क्रैश में देश ने अपने जवान खो दिए। ऐसे में हम आपको एक ऐसे जवान की कहानी बता रहे हैं जो पांच बहनों का अकेला भाई था। पूरे घर की जिम्मेदारी उसपर थी लेकिन उसने देश की जिम्मेदारी निभाते-निभाते दुनिया छोड़ दी।

सतीश दस साल पहले 17-18 साल की उम्र में एयरफोर्स में भर्ती हुए थे। 2013 में जयपुर के सांगानेर की किरण के साथ उनकी शादी हुई। और उनका ढाई साल का एक बेटा भी है। बताया जा रहा है कि सतीश पांच बहनों में अकेले भाई थे। जिनमें से तीन की शादी हो चुकी है अन्य दो बहनें एमए और नर्सिंग की पढ़ाई कर रही हैं।

हाल ही में अरूणांचल के पटोगर में एयरफोर्स का एक हेलिकॉप्टर एमआई-17वी5 तब क्रैश हो गया जब सात जवान चौकियों पर केरोसिन के कैन गिराने के लिए रवाना हुए थे। इसी बीच एक कैन खुल कर पीछे वाले पंख में उलझ गया। जिससे हेलीकॉप्टर में आग लग गई और सातों जवान शहीद हो गए।

पांच बहनों के बीच था अकेला भाई : सेना के जवान शहीद सतीश का शव लेकर उनके घर पंहुचे तो उनके परिवार में कोहराम मच गया। अचानक आए दुख की वजह से शहीद की पत्नी किरण तो गुम-शुम हो गई। शहीद की मां और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। शहीद के परिवार को हर कोई संभालने की कोशिश कर रहा था। वहीं शहीद सतीश का ढाई साल का मासूम बेटे हर्ष को समझ ही नहीं आ रहा था कि उसके घर वालों क्यों रो रहे हैं उसके घर पर इतनी भीड़ क्यों है। वह कभी ताबूत को निहारता तो कभी घर में आए लोगों को। वो कहता रहा पापा उठो।

पति का चेहरा देखने की थी जिद : शहीद की पत्नी किरण अपने पति का चेहरा अंतिम बार देखने की जिद कर रही थी, लेकिन हादसे में शव बुरी तरह जल जाने के कारण सेना के अधिकारियों ने शव नहीं दिखाया। इस पर किरण बेटे हर्ष को गोद में लेकर अंत्येष्टि स्थल गई और पति को अंतिम विदाई दी।