पापा पेट्रोल पंप पर करते हैं काम..बेटा पहले ही प्रयास में IAS बना-इसे कहते हैं मेहनत

New Delhi : कौन कहता है गरीब की संतान कुछ कर नहीं पाती। सफल होने के लिए हाथ में पैसा और अच्छी पहुंच हो ऐसा जरूरी नही है। इंदौर के रहने वाले प्रदीप सिंह को ही देख लीजिए। उनके पिता पेट्रोल पंप पर काम करते हैं और प्रदीप आज IAS बन गए हैं वो भी पहले ही प्रयास में।

UPSC की परीक्षा में 93वीं रैंक पाने वाले प्रदीप सिंह की कहानी खास है जो युवाओं के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। प्रदीप की उम्र मात्र 22 साल है, पिता पेट्रोल पंप पर प्राइवेट नौकरी करते हैं और पिता ने अपना मकान बेचकर बेटे को सिविल सर्विसेस की तैयारी कराई है।

प्रदीप सिंह ने अपनी जीवन में गरीबी और महंगी चिकित्सा से होने वाली परे’शानियों का सामना किया। उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि वह अपनी मां और पिता का त्याग कभी नहीं भूल सकते। परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली भेजने को पिता ने घर बेचा। प्रदीप ने आगे बताया कि परीक्षा के दौरान उनकी मां बहुत बी’मार थीं, इसी चिं’ता के बीच परीक्षा देने के कारण उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वह पास भी हो सकेंगे।

प्रदीप के पिता 1992 में बिहार से रोजगार की तलाश में इंदौर चले आए थे। यहां उनका परिवार देवास नाका इलाके में रहता है। छोटी सी कमाई के बावजूद पिता मनोज सिंह ने प्रदीप को सीबीएसई स्कूल में पढ़ाया। प्रदीप ने बताया कि उनके बड़े भैया ने सिविल सेवा में जाने के लिए उन्हें प्रेरित किया था। प्रदीप ने 12वीं में 81 फीसदी अंक पाए थे। फिर उन्होंने सिविल परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और बीकॉम ऑनर्स कोर्स में दाखिला ले लिया। फिर दिल्ली जाकर कोचिंग ली।