बेटे-बहू ने बूढी मां को घर से निकला, महिला DM ने बेटी बनकर दिलाया मां को न्याय

New Delhi : मां बेटे का रिश्ता सबसे पवित्र और अटूट होता है। फिर भी होते हैं कुछ कलियुगी बेटे जो इस रिश्ते को दाग लगा देते हैं। सुल्तानपुर में भी एक बेटे ने अपनी उस मां को घर से बाहर कर दिया जिसने उसे 9 महीने पेट में रखने के बाद जन्म दिया। एक साल से वो मां दर-दर की ठोकर खा रही थी।

उत्तर प्रदेश सुल्तानपुर जिले की, जब मामला डीएम सी इंदुमति के जनता दरबार में पहुंचा तो डीएम ने बेटे और बहू को बुलाकर जमकर फटकार लगाई और मां को फिर से घर की छत के नीचे भेजा। एक साल से भीख मांगने को मजबूर मां दरअसल, लम्भुआ कोतवाली के रामगढ़ की रहने वाली 70 वर्षीय कलावती को उनके बेटे और बहू ने घर से बाहर निकाल दिया था। कलावती भीख मांगने पर मजबूर थीं। वह डीएम के जनता दरबार में न्याय मांगने पहुंचीं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम ने बेटे और बहू को फटकार लगाई। कहा कि तुम्हें इसी मां ने कोख से जन्म दिया है जो तुम अपनी बूढ़ी मां के साथ अत्याचार कर रहे हो। अपनी मां को घर पर नहीं रहने देते हो साल भर से भिखारी की तरह वह घूम रही है।

गांववालों ने और तुम्हारी मां ने सारी सत्यता बता दिया है। डीएम ने कहा- नहीं सुधरोगे तो करूंगी कार्रवाई डीएम सी इंदुमति ने महिला के बेटे और बहू को हिदायत देते हुए महिला को अपने साथ रखने की बात कही है। डीएम ने कहा कि अगर तुम नहीं सुधरोगे तो तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ईश्वर से न्याय मिले या न मिले, लेकिन अब मैं आ गई हूं इस बूढ़ी मां को न्याय अवश्य दिलाऊंगी।