दिवाली पर नकली मावे से जरा बचके…ऐसे करें असली नकली मावे की पहचान

New Delhi : दिवाली के बाद भइया दूज का त्योहार आ रहा है। त्योहार के इस सीजन में मिठाइयों की सबसे ज्यादा खरीदारी होती है। कई लोग तो मावा या खोया घर लाकर उससे तरह-तरह के मिष्ठान घर में ही बनाते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं बाजार में मिलने वाला खोया मिलावटी या नकली हो सकता है। आए दिन इससे जुड़ी तमाम खबरें भी हम पढ़ते-देखते हैं। अगर आप भी त्योहार के इस सीजन में नकली मावे की सही परख करना चाहते हैं खरीदने से पहले इन 7 बातों को जरूर ध्यान रखें।

मावा असली है या नकली? त्योहार के सीजन में खरीदते समय ऐसे परखें
खोए के जरा से टुकड़े को हाथ के अंगूठे पर थोड़ी देर के लिए रगड़ें। इसमें मौजूद घी की महक अगर देर तक अंगूठे पर टिकी रही तो समझ लीजिए मावा एकदम शुद्ध है।

हथेली पर मावे की एक गोली बनाएं और उसे देर तक दोनों हथेलियों के बीच घूमाते रहें। अगर ये गोली फटने लगे तो समझिए मावा नकली है। 3.5 मिलीलीटर गर्म पानी में करीब 3 ग्राम खोया डालें। थोड़ी देर ठंडा होने के बाद इसमें आयोडीन सोलूशन डालें। आप देखेंगे कि नकली खोए का रंग धीरे-धीरे नीला पड़ने लगेगा।

अगर चाहें तो खाकर भी असली-नकली मावे को पहचान कर सकते हैं। अगर मावे में चिपचिपाहट महसूस हो रही है तो समझ जाइए कि वो खराब हो चुका है। असली मावा खाने पर कच्चे दूध जैसे स्वाद आएगा।

पानी में मावा डालकर फेंटने पर अगर वह छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटता है तो ये उसके खराब होने के संकेत हैं। दो दिन से ज्यादा पुराना मावा खरीदने से बचें।

कच्चे मावे की बजाय अगर आप सिंका हुआ मावा खरीदें तो बेहतर होगा। इससे बनी मिठाई का स्वाद भी ज्यादा बेहतर होगा और इसके जल्दी खराब होने की संभावना भी कम होती है।