मां देख रही थी हेमराज की शादी का सपना लेकिन बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया

New Delhi : जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पाकिस्तान की और से सीज़ फा’यर उ’ल्लंघन में शहीद हुए अजमेर जिले के भदूण गांव निवासी  हेमराज जा’ट शहीद हो गए थे। गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में जुटे लोगों ने नम आंखों और बुलंद नारों के बीच अपने लाडले को विदाई दी और पाकिस्तान की इस करतूत पर जमकर गु’बार निकाला।

मातृभूमि की रक्षा में मां भारती का एक और लाल अजमेर जिले के भदूण गांव निवासी हेमराज जाट ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।   महज 23 साल की उम्र में अपना सर्वस्व न्योच्छावर करने वाले इस वीर सपूत को विदाई देने के लिए हजारों का हुजूम उमड़ पड़ा। श’हीद हेमराज करीब दो महीने पहले ही छुट्‌टी से सेना में वापस लौटा था। तब परिजनों ने उसकी शादी की बात चलाई थी लेकिन उसने यह कहते हुए टाल दिया था कि अभी कश्मीर में हालात ठीक नहीं हैं। पहले देश सेवा बाद में शादी पर बात करेंगे। इसके बाद वह जम्मू-कश्मीर में अपनी पोस्टिंग पर चला गया।

पार्थिव देह जब घर पहुंची तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पांच भाई बहनों में सबसे छोटा और लाडला हेमराज तिरंगे में लिपटा हुआ था। अपने जिगर के टुकड़े को इतनी छोटी उम्र में तिरंगे में लिपटे देख बुढे़ मां-बाप का कलेजा छलनी हो गया। लेकिन देश की रक्षा में दिए उसके ब’लिदान पर उन्हें गर्व भी हुआ। हेमराज के बारे में परिजनों ने बताया कि वे सेना में भर्ती होने से पहले एनसीसी में बेस्ट कैडेट रह चुका था।