अभी-अभी : गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन..

New Delhi : देश की राजनीति को एक बार फिर बड़ा नुकसान हुआ है। देश ने आज एक और बड़े नेता को खो दिया है। जी हां गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन हो गया है। वो पिछले काफी समय से कैंसर से जूझ रहे थे।

मंत्री ने की थी पर्रिकर को कैंसर होने की पुष्टि :  गोवा के एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए विश्वजीत राणे ने कहा था कि पर्रिकर को अग्नाशय का कैंसर है और इसमें किसी भी तरह की छिपाने की बात नहीं है।

अमेरिका से इलाज करवाकर लौटे थे : पर्रिकर हाल ही में अमेरिका से इलाज करवाकर भारत लौटे थे। उनके भारत लौटने के बाद से ही उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी। गोवा में भी इस बात पर राजनीति तेज हुई कि पर्रिकर इतने बीमार हैं तो क्यों काम कर रहे हैं। वो आराम क्यों नहीं कर रहे।

तीसरी बार बने थे गोवा के CM:  मनोहर पार्रिकर इससे पहले दो बार गोवा के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इस बार वो तीसरी बार बने थे। पहली बार वो अक्टूबर 2000 से फरवरी 2005 तक सीएम थे। 24 अक्टूबर 2000 को वह गोवा के मुख्यमन्त्री बने लेकिन उनकी सरकार 27 फरवरी 2002 तक ही चल पाई। जून 2002 में वह एक बार फिर विधानसभा सदस्य बने तथा जून 5, 2002 को फिर से मुख्यमन्त्री पद के लिए चयनित हुए। दूसरी बार मार्च 2012 से 8 नवंबर 2014 तक वो मुख्यमंत्री बने रहे।

रक्षा मंत्री के रूप में भी कई उपलब्धियां : मनोहर पार्रिकर ने 9 नवंबर 2014 को देश के रक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। सादगीपूर्ण जीवनशैली, साफ छवि के लिए जाने जाने वाले पार्रिकर ने रक्षा मंत्रालय में आने के बाद कई बड़े फैसले लिए।

पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक : उरी में हुए आतंकी हमले में जवानों की शहादत का बदला अक्टूबर 2016 में भारत ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकियों को ढेर करके लिया था। सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान भारतीय सेना के जाबांजों ने पाकिस्तान कई आतंकी कैंप ध्वस्त किए थे। सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त पूरी रात देश के रक्षा मंत्री ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए थे।

आज तक नहीं लगा कोई दाग : मनोहर पार्रिकर देश के उन चुनिंदा नेताओं में से एक हैं जो बेदाग हैं। जी हां मनोहर पार्रिकर आज तक किसी भी घोटाले में नहीं फंसे। यही साफ-सुथरी छवि के चलते पीएम मोदी पर्रिकर को काफी पसंद करते हैं।

दयालु स्‍वभाव के हैं पार्रिकर : मनोहर पार्रिकर काफी दयालु स्‍वभाव के हैं। गोवा के सीएम रहते हुए उन्‍होंने अपने समर्थकों से अपील की थी। उनके बर्थडे पर जितना पैसा खर्च हो उसे चेन्‍नई रिलीफ फंड में भेज दिया जाए।

पार्रिकर के नाम दर्ज है एक रिकॉर्ड : मनोहर पार्रिकर के नाम एक रिकॉर्ड भी दर्ज है। पर्रिकर पहले ऐसे आईआईटी छात्र हैं जो किसी राज्‍य के मुख्‍यमंत्री बने। राजनीति में आने से पहले मनोहर पर्रिकर इंजीनियर थे। यही नहीं पर्रिकर आधार कार्ड के जनक नंदन नीलेकणी के बैचमेट भी रहे।