रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और मॉल में कुल्हड़ में मिलेगी चाय, प्लास्टिक मुक्त होगा भारत

New Delhi : जल्द ही मुख्य रेलवे स्टेशनों, बस डिपो, एयरपोर्ट और मॉल्स में आपकी पसंदीदा चाय इकोफ्रेंडली कुल्हड़ में परोसी जा सकती है। इस संबंध में केंद्रीय परिवहन एवं एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र लिखा है।

वर्तमान में केवल वाराणसी और रायबरेली रेलवे स्टेशनों पर टेराकोटा से बने कुल्हड़, ग्लास और प्लेट्स का प्रयोग हो रहा है।

नितिन गडकरी ने हाल ही में बताया कि उन्होंने रेल मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में गडकरी ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को कम से कम 100 रेलवे स्टेशनों पर कुल्हड़ का प्रयोग आवश्यक करने को लेकर कहा है। साथ ही एयरपोर्ट, राज्य परिवहन निगम के अधिकृत बस अड्डों पर स्थित चाय की दुकानों पर भी कुल्हड़ के प्रयोग को अनिवार्य किया जाए। गडकरी ने कहा है कि हम मॉल्स में स्थित चाय की दुकानों के संचालकों को भी कुल्हड़ का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

केंद्रीय परिवहन मंत्री का कहना है कि इस कदम से स्थानीय कुम्हारों को एक बड़ा बाजार मिलेगा और कुल्हड़ के प्रयोग को बढ़ावा देने से पर्यावरण को साफ रखने में मदद मिलेगी। इससे पेपर और प्लास्टिक में पेय पदार्थ देने पर भी रोक लगेगी। गडकरी ने कहा कि उन्होंने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) को कुल्हड़ की मांग बढ़ने पर इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए जरूरी इक्विपमेंट की आपूर्ति देने को कहा है।

केवीआईसी के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि पिछले साल हमने कुल्हड़ बनाने के लिए कुम्हारों को 10 हजार चाकों (मिट्टी के बर्तन बनाने में प्रयोग होने वाला पहिया) का वितरण किया था। इस साल हमने 25 हजार इलेक्ट्रिक चाक के वितरण का लक्ष्य रखा है। सरकार कुम्हार सशक्तिकरण योजना के तहत उत्पादन बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिक चाक का वितरण कर रही है। आपको बता दें कि 2004 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने पॉटरी कारोबार को बढ़ाने के लिए रेलों और रेलवे स्टेशन पर कुल्हड़ के प्रयोग को शुरू किया था। उन्होंने साफ कहा था कि गर्म पेय पदार्थ केवल कुल्हड़ में दिए जाएं।