दुनिया के सबसे खुशनसीब पिता है अनिल मिश्रा, इनके चारों बेटा-बेटी हैं IAS-IPS

New Delhi :  आपने कई ख़बरों में पढ़ा होगा कि एक गांव से कई IAS और IPS अधिकारी निकले हैं। गांव के अलावा मौहल्ले भी होगें जहां ऐसे अधिकारियों की लम्बी लिस्ट होगी। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे घर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां से एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरे चार IAS-IPS अधिकारी निकले हैं और ये चारों भाई-बहन हैं।

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में रहने वाले अनिल मिश्रा के चार बच्चे हैं। दो बेटे और दो बेटी और अनिल को अपने चारों बच्चों पर नाज़ है। हो भी क्यों न, उनके चारों बच्चे जो IAS अधिकारी हैं। क्षमा मिश्रा (IPS) सबसे बड़ी हैं, जबकि उनसे छोटे योगेश (IAS) हैं। वहीं, माधवी और लोकेश (दोनों IAS) इनसे छोटे हैं।

अनिल  को अपने बच्चों के बारे में बात करते हुए गर्व महसूस होता है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने बच्चों पर पूरा भरोसा था कि वो अपनी ज़िंदगी में कुछ अच्छा कर लेंगे। लेकिन उन्हें ये बिलकुल भी आभास नहीं था कि चारों बच्चे देश के इतने बड़े पद पर विराजमान होंगे। अनिल जी ख़ुद एक सरकारी बैंक में मैनेजर हैं। अपनी ज़िंदगी सादगी से जीने वाले किसी भी पिता के लिए ये एक सपने जैसा ही है कि उनके चारों बच्चे सरकारी विभाग के इतने बड़े अधिकारी बन गए हैं।

दो बच्चों ने पिछले साल इस परिक्षा में सफलता हासिल की थी। वहीं इस साल घर दोनों छोटे बच्चों ने इस परिक्षा में पास हो कर के अपने पिता के सपने को हकीक़त में बदल दिया। उनके बेटे योगेश बताया, हम सभी अपने पैतृक गांव लालगंज में रहकर ही 12वीं तक पढ़ाई की। उसके बाद वो मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान बीटेक करने इलाहाबाद चले गए। वहीं सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जॉब मिल गई और नोएडा चला गया।2013 में IAS बना।

क्षमा ने एमए तक की पढ़ाई गांव से ही की। उसके बाद उनकी शादी 2006 में पास में रहने वाले सुधीर से हो गई। सुधीर उत्तराखंड में जिला आपूर्ति अधिकारी थे। उन्होंने भी क्षमा को आगे की पढ़ाई जारी रखने पर जोर दिया। शुरुआत में क्षमा का सिलेक्शन 2015 में डिप्टी SP के रूप में हुआ। लेकिन अगले साल फिर से एग्जाम देने के बाद 2016 में वो IPS बन गई। दूसरी बहन माधवी ने ग्रैजुएशन लालगंज से ही करने के बाद इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रैजुएशन करने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी चली गईं। वहां पढ़ाई पूरी होने के बाद जेएनयू दिल्ली में रिसर्च करने के दौरान ही 2016 में उनका सि‍लेक्शन IAS में हो गया।

सबसे छोटे भाई लोकेश ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कैमिकल इंजीनयरिंग करने के बाद राजस्थान के कोटा में एक फर्टिलाइजर कंपनी में नौकरी की। 2015 में PCS का एग्जाम क्वालीफाई कर BDO हुआ। लेकिन उसके बाद उन्होंने फिर सिविल सर्विस की परीक्षा दी और 2016 में वो भी IAS हो गए।