मिसाल : मां से बिछ’डे बंदर के बच्चे को कुत्ते ने पीठ पर बिठाकर पुलिस तक पहुंचाया…

New Delhi : एक नवजात बंदर अपनी मां से बि’छड़ गया तो एक कुत्ता मददगार बना। कुत्ता पहले तो बंदर के बच्चे के साथ म’स्ती करता रहा और फिर उसे पुलिस के पास ले गया। इसके बाद मासूम बंदर की जिंदगी आगे बढ़ के सु’रक्षित हो गई।

छोटी सी जान कुत्ते ने एक मासूम बंदर की मदद कर यह साबित कर दिया है कि इंसान ही नहीं जानवरों में भी इंसानियत अभी कायम है।

दरअसल जिले के रहली क्षेत्र में आने वाले बलेह गांव में सागर तालाब में एक नवजात बंदर अपनी मां से बि’छड़ गया। उसे अकेला और परेशान देख एक कुत्ते के बच्चे ने उसको सहारा दिया। कई घंटो दोनों खेलते रहे फिर इस मासूम बंदर को कोई नु’कसान न पहुंच जाए, मानो ऐसा सोचकर यह नन्हा कुत्ता उस मासूम बंदर को अपनी पीठ पर बैठाकर खाकी के दरबार यानी पुलिस चौकी के पास पहुंच गया।

कुत्ते और बंदर के बच्चे की इस गजब दोस्ती को देखकर बलेह चौकी प्रभारी अवधेश दुबे का भी मन भर आया और उन्होंने जवानों को भू’खे बंदर के लिए कुछ खाने का प्रबंध करने के निर्देश दिए। चौकी प्रभारी दुबे ने स्वयं बंदर को केले खिलाए।

तब तक अपने दोस्त को अंदर देख कुता भी बहार खड़ा रहा। इसके बाद चौकी प्रभारी ने बंदर को वन विभाग को सौंप दिया। साथ ही यह अनुरोध भी किया कि वन विभाग यह कोशिश करे कि इस मासूम बंदर को उसकी मां से मिला दिया जाए।