दिव्येंदु शर्मा उर्फ मुन्ना भैया के 10वीं में आये थे 44%, पापा ने सोचा बेटा कुछ नहीं कर पायेगा

New Delhi : पिछले तीन चार सालों से ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज ने पूरे देश में धमाल मचा कर रखा है। इस वेब सीरीज की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहला सीजन आने के बाद लोग दूसरे सीजन आने का इस कदर इंतजार कर रहे थे कि अमेजन प्राइम और सीरीज के डायरेक्टर को सीजन-2 देरी से रीलीज करने के लिए गालियां तक देने लग गए थे। मिर्जापुर कहानी तो उत्तर प्रदेश की है लेकिन इस सीरीज ने पूरे भारत के युवाओं के दिलों में जगह बनाई। देश में इतनी लोकप्रिय सीरीज अभी तक कोई नहीं आ पाई है।

इसकी लोकप्रियता के पीछे बेहतरीन कहानी तो है ही साथ ही इसके किरदारों और उनकी एक्टिंग एक बड़ा फेक्टर है। सीरीज में कालीन भैया, मुन्ना भैया और गुड्डु भैया का किरदार सबसे ज्यादा पसंद किया गया है लेकिन मुन्ना भैया का किरदार उनके डायलॉग आज जैसे लोगों के सिर चढ़ कर बोल रहे हों। आइए आज जानते हैं मुन्ना भैया का ये किरदार निभाने वाले दिव्येंदु शर्मा की स्ट्रगल भरा और प्रेरणादायी सफर के बारे में।
दिव्येंदु का जन्म 19 जून 1983 को दिल्ली में हुआ था। यहीं से इनकी आरंभिक से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई हुई है। बचपन में उनके पिता उनकी पढ़ाई को लेकर काफी चिंतित रहते थे। उन्हें मैथ्स सब्जेक्ट अच्छा नहीं लगता था उनके 10वीं में जब 44 प्रतिशत नंबर आए तो पिता को लगा कि उनका बेटा लाइफ में कुछ कर भी पाएगा या नहीं। दिव्येंदु ने साइंस या कॉमर्स स्ट्रीम में जाने के बजाए आर्ट्स स्ट्रीम को चुना। तब आर्ट्स स्ट्रीम को ज्यादातर लोग करियर ऑप्शन के तौर पर अच्छा नहीं मानते थे। दिव्येंदु बताते हैं कि उनका मन आर्ट्स सब्जेक्ट को ही पढ़ने में लगता था 12वीं तक राजनीतिक विज्ञान और सोश्योलॉजी उनके फेवरेट सब्जेक्ट बन चुके थे। उनके 12वीं में 84 प्रतिशत नंबर आए थे। इस पर उनके पिता को यकीन नहीं हुआ था। उन्होंने इसके बाद दिल्ली युनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज में एडमिशन लिया और यहां से राजनीतिक विज्ञान में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की।
अपने कॉलेज दिनों से ही दिव्येंदु कॉलेज की थियेटर सोसायटी से जुड़ गए थे और इसमें काफी रुचि रखने लगे थे। कॉलेज खत्म होने तक उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें अनपा करियर थियेटर और एक्टिंग की दुनियां में ही बनाना है। इसके बाद उन्होंने अपने इस हुनर को प्रोफेशनल रूप देने के लिए एक्टििंग में डिप्लोमा करने का मन बनाया और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और एफटीआईआई, पुणे से उन्होंने फॉर्म डाला दोनों संस्थान की प्रवेश परीक्षा में वो सफल हुए थे लेकिन उन्होंने एफटीआईआई, पुणे में एडमिशन लिया क्योंकि उन्हें फिल्म की तकनीक से जुड़े पक्षों को भी जानना था। इसके बाद उन्होंने छोटे-मोटे रोल करने और फिल्मों में ट्राई करना शुरू कर दिया। उन्हें फिल्मी दुनिया में एंट्री प्यार का पंचनामा फिल्म से मिली इस फिल्म में उन्होंने लिक्विड का किरदार निभाया था जो कि पसंद भी किया गया।
वे पहली बार माधुरी दीक्षित की कमबैक फिल्म आजा नच ले में एक साइड रोल में दिखाई दिए। उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म प्यार का पंचनामा थी जिसमें उनकी भूमिका के लिए, उन्होंने मोस्ट प्रॉमिसिंग न्यूकमर – पुरुष के लिए स्क्रीन अवार्ड जीता। उन्होंने डेविड धवन की चश्मे बद्दूर की रीमेक में कवि ओमी की भूमिका भी निभाई। इसके बाद इन्होने बॉलीवुड के माने जाने सुपरस्टार अक्षय कुमार के साथ एक फिल्म ” टॉयलेट एक प्रेम कथा ” में अपना अभिनय किया था। जिसमे इन्होने नारायण शर्मा की भूमिका निभाए थे। दिव्येंदु शर्मा ने बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर के साथ भी एक फिल्म ” बत्ती गुल मीटर चालू ” में अपना अभिनय किया है।

इसके अलावा उनकी फिल्में हैं– इक्कीस तोपों की सलामी, दिल्लीवाली जालिम गर्लफ्रेंड, अस्सी नब्बे पुरे सौ, टॉयलेट एक प्रेम कथा, बत्ती गुल मीटर चालू, बदनाम गली, ब्रम्हास्त्र, शुक्राणु, मिर्जापुर (वेब सीरीज)

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