चीन से उठकर भारत आएंगी अमेरिका की 200 कंपनियां..मेक इन इंडिया के तहत करेंगी काम

New Delhi : मेक इन इंडिया प्रोजक्ट को लेकर बड़ी कामयाबी भारत को मिली है। दुनिया की कई कंपनियां अब भारत में अपनी यूनिट्स लगा रही हैं। ताजा खबर अमेरिकन कंपनियों की है। दरअसल, अमेरिकन कंपनियों का चीन से मोहभंग होने लगा है। दिलचस्प बात यह है कि अब उनकी पसंद भारत है।

लोकसभा चुनाव के बाद 200 अमेरिकन कंपनियां चीन से बोरिया बिस्तर समेटकर भारत शिफ्ट हो सकती हैं। अमेरिकी बेस्ड एक एडवोकेसी ग्रुप ने यहां तक कहा है कि कम्युनिस्ट दिग्गज से निपटने के लिए यह एक अच्छा मौका है कि हम भारत में अपनी मैन्युफैक्चिरिंग यूनिट स्थापित करें।

यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने PTI को कहा कि कई अमेरिकन कंपनियां भारत में निवेश करके चीन का विकल्प स्थापित करने के उपाय पूछ रही हैं। वजह है भारत में जारी आर्थिक सुधार, बढ़ती पारदर्शिता और कानूनी जटिलताओं को कम हो जाना। इससे अमेरिकन कंपनियां की रुचि भारत में बढ़ गई है। यही नहीं, नई सरकार के गठन के बाद कंपनियां तेजी से भारत में शिफ्ट होंगी। हालांकि यूएसआईएसपीएफ सुधारों में तेजी लाने और निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की सिफारिश अहम होगी। अघी के मुताबिक पिछले 12 से 18 महीनों में वे हम देख रहे हैं कि अमेरिकी कंपनियां ई-कॉमर्स या डेटा के स्टोरेज आदि पर अहम फैसले रही हैं। यह उनका भारत की तरफ बढ़ता कदम है।

भारत भी चीन से आने वाले सस्ते सामान से परेशान है। यदि भारत में ही बड़ें पैमाने पर यूनिट खुलेंगी और यहीं पर सामान सस्ता बनने लगेगा तो चीन से आयात अपने आप कम हो जाएगा। इसके लिए भारत और अमेरिका के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के बारे में सोचना चाहिए। एफटीए से भारत और अमेरिका की एक दूसरे के बाजारों पर सीधी पहुंच बन जाएगी। अमेरिका के जनरलाइज सिस्टम ऑफ प्रीफ्रेंस (GSP) का मुद्दा भी सुलझ जाएगा।