1 जुलाई से शुरू हो रही है अमरनाथ यात्रा… इस बार रजिस्ट्रेशन कार्ड पर होगा बारकोड

New Delhi : अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर इस बार यात्रा का रजिस्ट्रेशन कार्ड बारकोड (क्विक रिएक्शन कोड) के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही कार्ड की वैधता का पता लगाने के लिए उस पर वाटर मार्क और अमरनाथ श्राइन बोर्ड का लोगो भी अंकित किया गया है।

इस बारकोड के जरिए किसी भी यात्री के लापता अथवा दुर्घटना का शिकार होने पर उसके बारे में इसे स्कैन करने पर उसका संपूर्ण विवरण मिल सकेगा। यात्रा एक जुलाई से शुरू होकर 15 अगस्त तक चलेगी। यहां जम्मू एंड कश्मीर व पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं में रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। अब तक एक हजार से अधिक लोगों के रजिस्ट्रेशन कार्ड (परमिट) बन चुके हैं।

जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही आतंकी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा इस बार यात्रियों के लिए अधिक कड़ी सुरक्षा के इंतजाम कराए जाएंगे। इसी कड़ी में पहली बार यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्ड पर बारकोड अंकित किया गया है। किसी भी यात्री के लापता होने, किसी हादसे का शिकार होने या मौसम खराब होने पर कहीं फंस जाने की स्थिति में बारकोड को स्कैन करने पर उसके बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी, जिससे उसके परिजनों तक पहुंचने में मदद मिल सकेगी। यात्रा को सुचारू रूप से चलाने वाली सुरक्षा एजेंसियां इस कार्ड को स्कैन कर उसका विवरण अपने पास रख सकेंगी।

अमरनाथ सेवा मंडल के रिंकू भटेजा व शरद जैन ने बताया कि इस कार्ड पर वाटर मार्किंग व माइक्रो टेक्स्ट लाइन व लोगो भी अंकित है, जिसे मैग्नीफाइंग ग्लास से देखा जा सकेगा। हर दिन के लिए अलग रंग का यात्रा परमिट कार्ड दिया जा रहा है। जम्मू एंड कश्मीर बैंक की न्यू मार्केट शाखा से मिली जानकारी के अनुसार अब तक एक हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इस बार रजिस्ट्रेशन शुल्क प्रति यात्री 50 से बढ़ाकर 100 रुपए किया गया है।

भटेजा ने बताया कि 7 जुलाई तक की तारीखों के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। अब इसके बाद की तारीखों के लिए किए जा रहे हैं। भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से इस बार भी यात्रा पर 45 दिन की अवधि में 35 से 40 हजार लोगों के जाने का अनुमान है। विभिन्न संगठनों द्वारा यात्रियों के जत्थे बनाने और उनको यात्रा संबंधी प्रशिक्षण देने का काम एक जून से शुरू होगा।