आज है अक्षय तृतीया…सुख और समृद्धि के लिए करें भगवान विष्णु की पूजा

New Delhi :  मंगलवार, 7 मई को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया है। इस तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस दिन एक साथ चार ग्रह उच्च राशि में रहेंगे। सूर्य मेष राशि में, चंद्र वृषभ राशि में, शुक्र मीन राशि में और राहु मिथुन राशि में उच्च स्थिति में है। ग्रहों के इस योग की वजह से अक्षय तृतीया बहुत खास हो गई है।

अक्षय तृतीया पर किसी पवित्र नदी में स्नान करने की परंपरा है। स्नान के बाद जरूरतमंद लोगों को धन और अनाज का दान किया जाता है। अक्षय तृतीया पर घर की सुख-समृद्धि के लिए महालक्ष्मी के चरण चिह्न खरीदने की परंपरा है।

इस तिथि पर भगवान विष्णु और उनके अवतारों की विशेष पूजा की जाती है। पितरों के लिए श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। भगवान को चने की दाल, मिश्री, खीरा और सत्तू का भोग लगाने की परंपरा है। ब्राह्मणों को जौ दान करना चाहिए। इस दिन पानी से भरे मटके, गेहूं, सत्तू और जौ का दान करने का विशेष महत्व है ।

मान्यता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य से मिलने वाले फल अक्षय होता है यानी ये पुण्य हमेशा साथ रहता है। इस तिथि पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना गया है। सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत भी इसी तिथि से हुई है, ऐसी मान्यता प्रचलित है। भगवान परशुराम का अवतार भी इसी दिन हुआ है। बद्रीनाथ के पट भी अक्षय तृतीया पर ही खुलते हैं। अक्षय तृतीया पर सूर्य और चंद्र अपनी-अपनी उच्च राशि में रहते हैं, इस वजह से इस तिथि पर बिना मुहूर्त देखे विवाह किए जा सकते हैं।