पीने के लिए श’राब मिले तो कहीं भी चली जाती थी हिना…अदनान ने इसी बात का फायदा उठाया

New Delhi : यूपी पुलिस को एक खेत में लड़की की ला’श मिलती है। पोस्टमॉर्टम में लड़की के प्रेग्नेंट होने की बात पता चलती है। पुलिस छानबीन करती है तो मृतका की पहचान हिना तलरेजा के रूप में होती है। मीरपुर निवासी हिना तलरेजा एक हुक्का बार में काम करती थी।

वहां की संचालिका ने पुलिस को बताया था, “खुद को पर्सनैलिटी मेकर बताने वाली हिना का इलाहाबाद के कई बार में उठना-बैठना था। उसे श’राब की लत लग चुकी थी। श’राब का इनविटेशन मिलने पर वो किसी भी समय कहीं भी चली जाती थी।” हिना के फ्रेंड सर्कल में शहर के बड़े रईसजादे शामिल थे। साल 2015 में उसकी मुलाकात इलाहाबाद के शाहगंज निवासी अदनान खान से हुई। दोनों की दोस्ती गहरी हुई और प्यार में बदल गई।

दोनों ने शादी करने का फैसला किया। शादी के लिए हिना ने अपना मजहब बदला और तलरेजा से खान बन गई। इस बात से हिना की मां नीलिमा तलरेजा ने उससे दूरियां बढ़ा ली थीं। पुलिस के मुताबिक अदनान के परिवार वाले भी इस शादी से खुश नहीं थे। उन्होंने अदनान पर दूसरा निकाह करने का दबाव बनाया। परिवार के प्रेशर के आगे अदनान को झुकना पड़ा और उसने दूसरी शादी कर ली।

हिना को जब दूसरी शादी की खबर मिली तो वह बेहद नाराज हुई। उसने अदनान के खिलाफ कोहना चौकी में एप्लिकेशन दी थी, जिसके बाद अदनान ने उससे माफी भी मांगी थी। एसपी कौशांबी अशोक कुमार पांडे ने बताया था, “अदनान ने दूसरी शादी की थी, जिससे हिना से उसके रिश्ते खराब हो गए थे। अदनान के मुताबिक, हिना उसे ब्लैकमेल करती थी, जिससे वो परेशान हो गया था। इसीलिए उसने अपने 2 साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।” 4 जुलाई 2017 को अदनान ने हिना को एक होटल में बुलाया। वो अपने दोस्त विक्की और खालिद को साथ लेकर हिना से मिलने पहुंचा था।

होटल से अदनान हिना को लेकर हाईवे की तरफ निकल गया। वहां सुनसान इलाके में गाड़ी रोककर पहले उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर हिना का गैंगरे’प किया। फिर उसके माथे से सटाकर गोली मार दी। कहीं हिना जिंदा न बच जाए, इसलिए उसने चाकू से उसके गोली के जख्म को गहरा किया।- मर्डर के बाद अदनान अपने साथियों के साथ हिना का पर्स और मोबाइल लेकर भागा, जिससे उसकी शिनाख्त न हो सके। 9 जुलाई को शव को लावारिस मानकर दो डॉक्टरों ने उसका पोस्टमॉर्टम किया, जिसमें उसके साथ गैंगरेप की पुष्ट‍ि हुई। 10 जुलाई को पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार करा दिया। 12 जुलाई को सोशल मीडिया के जरिए एक अनजान शख्स ने क्राइम ब्रांच को उसकी पहचान की सूचना दी। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने उसके घरवालों की तलाश शुरू की। दो दिन की कड़ी मशक्कत के बाद 14 जुलाई को पुलिस उसकी मां नीलिमा तलरेजा तक पहुंची।

मां नीलिमा तलरेजा के मुताबिक, ”मुझे बेटी से कोई मतलब नहीं है। वो मरने से पहले भी मुझसे झूठ बोलकर घर से निकली थी। मैंने कोई एफआईआर भी दर्ज नहीं कराई थी। पुलिस वालों ने खुद ही वादी बनकर केस दर्ज कर लिया। मुझे इसपर कोई बात नहीं करनी। वो मरने के बाद भी मुझे तकलीफ दे रही है।