IPL में चमके टी.नटराजन ने टीम इंडिया में बनाई जगह, पिता थे कुली, मां थीं दिहाड़ी मजदूर

New Delhi: तेज गेंदबाज टी. नटराजन जिन्हें आपने इस साल सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते देखा होगा। हैदराबाद को प्लेऑफ में जगह दिलाने के लिए इस बॉलर का योगदान अहम रहा। अब यही खिलाड़ी आपको टीम इंडिया की टी20 टीम में के लिए खेलता दिखेगा। टी नटराजन को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम इंडिया की टी20 टीम में शामिल कर लिया गया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि मात्र तीन साल पहले तक इस खिलाड़ी को कोई नहीं जानता था और आज यही खिलाड़ी न सिर्फ आईपीएल में चमका बल्कि टीम इंडिया में जगह भी बनाई। ये कोई चमत्कार नहीं नटराजन की मेहनत से ही संभव हो पाया। क्रिकेट के प्रति अपने जुनून और मेहनत के दम पर इस खिलाड़ी ने एक छोटे से गांव चलकर दुनिया भर में अपना नाम कमाया है। टी. नटराजन बेहद ही गरीब परिवार से आते हैं। उनके पिता रेलवे स्टेशन में कुली थे और उनकी मां सड़क किनारे चिकन शॉप चलाती थीं। हम आपको आज इस खिलाड़ी की बेहद प्रेरणादायी कहानी बताने जा रहे हैं।

नटराजन तमिलनाडु के सलेम से 36 किलोमीटर दूर चिनप्पमपट्टी नामक एक गाँव के रहने वाले हैं। आज उनके गांव को भारत के मानचित्र पर जाना जा रहा है तो इसकी वजह वो ही हैं। नटराजन का पूरा नाम थंगरासु नटराजन है। वो उन खिलाड़ियों जितने खुशकिस्मत नहीं रहे जिन्होंने पूरी सुख सुविधाओं और अच्छे मार्गदर्शन के बीच अच्छी एकेडमियों में ट्रेनिंग पाई। वो क्रिकेट अपने शौक के लिए नहीं बल्कि अपने गुजारे के लिए खेला करते थे। वो टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला करते थे। गरीब परिवार में जन्मे नटराजन ने जैसे तैसे अपनी 12वीं तक की शिक्षा पूरी की। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वो क्रिकेट खेलेंगे। वो कहते हैं कि अगर मेरे गुरू जयप्रकाश नट्टू न होते तो मैं अपने पिता की तरह किसी रेलवे स्टेशन कुली के रूप में सामान ढो रहा होता।

नटराजन पैसा कमाने के लिए क्रिकेट खेलते थे। धीरे धीरे अच्छी गेंदबाजी के कारण उनकी पूरे जिले भर के क्रिकेट खिलाडियों में पहचान बन गई। एक अच्छी टीम मैच जीतने के लिए उन्हें अपने साथ जरूर रखती थी। ऐसे ही एक मैच के दौरान कोच जयप्रकाश नट्टू की नजर उनकी गेंदबाजी पर पड़ी थी। उनकी गेंदबाजी देख नट्टू ने उन्हें अकेडमी से जुड़ने को कहा लेकिन इसके लिए उनके पास पैसे नहीं थे। यहां पर भी उनके गुरू ने उनकी मदद की और उन्हें अच्छा मार्गदर्शन दिया। उनका मार्गदर्शन पाकर उन्होंने तय किया कि अब यही उनका जीवन है। इसके बाद उन्होंने स्टेट लेवल के टूर्नामेंट खेले। लेकिन उनकी किस्मत 2017 में चमकी जब वो तमिलनाडु प्रीमियर लीग के लिए खेल रहे थे। इस मैच में किंग्स इलेवन पंजाब के सिलेक्टर्स भी आए हुए थे। उन्होंने नटराजन का प्रदर्शन अच्छा पाकर टीम में सिलेक्सन के लिए प्रमोट किया। 2017 के आईपीएल में जब बोली लगी तो पंजाब ने उन्हें 3 करोड़ में खरीद लिया। यहां से उनकी जिंदगी बदल गई थी।

लेकिन दुर्भाग्यवश उस साल वो अपनी टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने 6 मैचों में सिर्फ 2 विकेट और 9 रन प्रति ओवर से ज्यादा की इकॉनोमी रेट से रन दिए। जिस कारण अगली बार उन्हें नहीं खरीदा गया। लेकिन उनके पास इतनी धनराशि हो गई थी कि वो अब बिना खेले अपने प्रदर्शन को प्रेक्टिस के जरिए सुधार सकते थे। इसके बाद उन्हें 2018 में हैदराबाद ने खरीदा फिर उन्होंने अपनी टीम को निराश नहीं किया और इस साल जो अपनी टीम के लिए उन्होंने प्रदर्शन किया है उसे सभी ने देखा है। उनके शानदार प्रदर्शन का ही परिणाम है कि उन्हें आज टीम इंडिया की टी20 में जगह दी गई है। उनके कोच जयप्रकाश उनके बारे में बताते हुए कहते हैं” 2017 के आईपीएल के बाद उन्होंने गांव में एक क्रिकेट अकादमी स्थापित की, जहां कोचिंग मुफ्त है। ” “उन्होंने एक घर बनाया और उनके माता-पिता से अब काम न करने की अपील की।”

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