पुष्पक एक्सप्रेस 110 किमी की स्पीड से गुजरती है…चांदनी थरथराकर जमींदोज हो जाती है

New Delhi : तू किसी रेल-सी गुजरती है…. मैं किसी पुल-सा थरथराता हूं। कवि दुष्यंत कुमार की यह कविता दिलों के कितने करीब है। हर आह के बाद यह दिल पर चोट करती है। हर बार जब ट्रेन पुल से गुजरती है तो ये पंक्तियां याद आ जाती हैं।
लेकिन किसी को क्या मालूम था कि असल जिंदगी में कभी-कभी पुल के अलावा स्टेशन भी थरथरायेगी और फिर भस्स करके जमींदोज हो जायेगी। सदियों में इस तरह के हादसे बिरले हुये होंगे। लेकिन आज हुआ। इन आंखों ने पता नहीं क्या क्या देखने की कसम खा रही है। पहले डेढ़ साल से कोरोना को देखा और आज वो हादसा देखा जो होना नहीं चाहिए था और भविष्य में शायद कभी हो भी न। पर आज मध्य प्रदेश में हो गया।

सरकारी मुलाजिमों को देखिए, उन्हें कोई खास फर्क नहीं पड़ा। शायद फर्क पड़ा भी हो, लेकिन दिखावा तो ऐसा ही किया। उनकी तरफ से सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि मामले की जांच कराएंगे और दोषियों की पहचान करेंगे।
अब देखिए, बेहद मुश्किल है दोषी की पहचान कर पाना। खासकर आप जमीन पर स्थिति देखें तो अपना सिर ही ठोंक लेंगे। पुष्पक एक्सप्रेस के 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड ने चांदनी स्टेशन को हिला दिया। इससे चांदनी कुछ ऐसी थरथराई कि दीवारें, पीलर, पंखे, कमरे में रखे उपकरणों ने ऐसा नजारा बनाया जैसे इसी स्टेशन के लिए व्यापक पैमाने की भूकंप आई हो।
दरअसल, नेपानगर और असीगढ़ के बीच से पुष्पक एक्सप्रेस गुजरी थी और चांदनी रेलवे स्टेशन थरथरा गई। पूरा स्टेशन कबाड़ हो गया। पूरा जमींदोज। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में यह हादसा बुधवार को हुआ। इस थरथरी से स्टेशन अधीक्षक के कमरे की खिड़कियों के कांच तक फूट गए, बोर्ड नीचे गिर गया। जबकि बुरहानपुर का यह स्टेशन साल 2007 में बनाया गया था। यह मुंबई-दिल्ली रेलवे मार्ग का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन है।
सूचना मिलते ही भुसावल से ADRM मनोज सिंहा, खंडवा ADN अजय सिंह, सीनियर DN राजेश चिकले पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी ली। मौके पर भुसावल, खंडवा, बुरहानपुर की RPF और GRP को तैनात किया गया है। घटना के बाद पुष्पक एक्सप्रेस 1 घंटे तक खड़ी रही। इसके अलावा, अन्य गाड़ियां करीब 30 मिनट तक प्रभावित हुईं।

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