मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फाइल फोटो।

योगी को यूपी में खुली चुनौती : मंत्री बोले, चुनाव के बाद डिसाइड करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन होगा

New Delhi : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के पूरा होने के बाद ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री का फैसला किया जायेगा। मौर्य ने रविवार को लखनऊ में भाजपा मुख्यालय में एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा- विधानसभा चुनाव के बाद केंद्रीय नेतृत्व ही डिसाइड करेगा कि मुख्यमंत्री कौन होगा। आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा और मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा इस पर भाजपा की ओर से परस्पर विरोधी संकेत सामने आ रहे हैं। साफ हो गया है कि उत्तर प्रदेश की शासन में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है।

 

पिछले हफ्ते भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा था – अगला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लड़ा जायेगा। प्रदेश से भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी खत्म हो गई है और विकास हो रहा है। हम मेहनती और ईमानदार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2022 का चुनाव लड़ेंगे। हालांकि, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पहले कहा था कि पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा कि आगामी चुनाव किसकी लीडरशिप में लड़ा जायेगा।
परस्पर विरोधी टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर और क्या आने वाले चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करने को लेकर पार्टी में कोई भ्रम है? भाजपा प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने कहा- स्वतंत्र देव राज्य इकाई के अध्यक्ष हैं और उन्होंने जो कहा वह महत्वपूर्ण है। केशव प्रसाद मौर्य और स्वामी प्रसाद मौर्य ने जो कहा है वह पार्टी के मानदंडों और परंपराओं के आधार पर है। श्रीवास्तव ने कहा- औपचारिक रूप से, मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा संसदीय बोर्ड द्वारा तय की जाती है और इसलिए केशव मौर्य और स्वामी मौर्य ने ऐसा कहा होगा।
शनिवार को, भाजपा ने एक संगठनात्मक फेरबदल के तहत नौकरशाह से नेता बने एके शर्मा को अपनी उत्तर प्रदेश इकाई का उपाध्यक्ष नामित किया गया। जबकि पीएम मोदी के बेहद करीबी शर्मा को सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाये जाने की खबर थी। पार्टी ने राज्य में विभिन्न मोर्चों के लिये नये प्रमुखों को भी नामित किया गया। यह सुनिश्चित करते हुये कि विभिन्न क्षेत्रों और जातियों को प्रतिनिधित्व मिले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *