मुंबई की झुग्गी बस्ती में पलकर इन 6 छात्रों ने पास की NEET की परीक्षा, बनेंगे डॉक्टर

New Delhi: मेडिकल की पढ़ाई करने और डॉक्टर बनने के सपने की तरफ पहला कदम होती है नीट परीक्षा। इस परीक्षा को हर साल लाखों विद्यार्थी देते हैं लेकिन इसे पास कर पाना आसान नहीं होता। इसके लिए छात्र मोटी रकम खर्च कर लंबी तैयारी भी करते हैं। इस साल जब इस परीक्षा का परिणाम आया तो सबकी नजरें उन छह छात्रों पर थीं जो मुंबई की गोवंडी झु्ग्गी बस्ती से आते हैं। बस्ती में लोग जैसे तैसे रह पाते हैं लेकिन इन छात्रों ने सभी आभावों और समस्याओं को दरकिनार कर अपने सपनों की उड़ान भरी है। परीक्षा पास करने के बाद अब इनके परिवारों को आस है कि उनके बच्चे अब उन्हें अच्छी जिंदगी देंगे। NEET क्वालिफाई करने वाली एक लड़की जेबा जिसके पिता यहां की छोटी डिस्पेंसरी में डॉक्टर हैं ने  ANI को बताया कि वह COVID-19 महामारी के दौरान डॉक्टरों की कमी को देखने के बाद मेडिकल प्रवेश परीक्षा को क्रैक करने का फैसला किया।

आसिफ जोगल जिसके पिता साइबर केफे चलाते हैं ने परीक्षा में 591/720 स्कोर किया है। उन्होंने कहा कि वह एक डॉक्टर बनना चाहते थे क्योंकि उन्होंने देखा है कि कैसे गरीब लोग इलाज कराने के लिए संघर्ष करते हैं। “अपने बचपन के दौरान, मैंने अपने माता-पिता और गरीब लोगों को इलाज के लिए संघर्ष करते देखा है। भविष्य में उनके लिए काम करने के उद्देश्य से, मैंने एक डॉक्टर बनने का फैसला किया। मुझे अपने माता-पिता का पूरा सपोर्ट मिलता है। बता दें ये बस्ती मुंबई की सबसे अधिक अपराध जनित बस्ती में गिनी जाती है। यहां शिक्षा के लिए भी कोई उचित माहौल नहीं है ऐसे में ये खबर सकारात्मक तो है ही साथ ही यहां रह रहे हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा भी है जो पढ़ना चाहते हैं।

नीट की परीक्षा मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने के लिए दी जाती है। नीट का फुल फॉर्म होता है “नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट। ” यह एक प्रवेश परीक्षा है जिसके द्वारा भारत के किसी भी प्राइवेट या गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में परीक्षार्थी एमबीबीएस या किसी भी मेडिकल कोर्स के लिए दाखिला ले सकते हैं। नीट की परीक्षा के द्वारा सभी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिल सकता है, केवल ऐम्स और जिप्मर को छोड़कर। इस परीक्षा में कक्षा 11वीं और 12वीं साइंस के सिलेबस से प्रश्न आते हैं।

इस परीक्षा में तीन विषय होते हैं फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी। यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में होती है। इसमें केवल 180 प्रश्न आते हैं। जिसमें 45 प्रश्न केमिस्ट्री से, 45 प्रश्न फिजिक्स से और 90 प्रश्न बायोलॉजी विषय से पूछे जाते हैं। परीक्षा कुल 720 अंक का होता है, इस परीक्षा में चयनित छात्र आसानी से भारत के किसी भी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस या बीडीएस की पढ़ाई के लिए दाखिला ले सकते हैं। यह परीक्षा एनटीए “नेशनल टेस्टिंग एजेंसी” द्वारा आयोजित किया जाता है। यह परीक्षा हर साल मई के पहले रविवार को आयोजित की जाती है और इस परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया दिसंबर- जनवरी महीने में प्रारंभ होती है।

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