मोरे को याद आई धोनी की इंट्री- गांगुली को मनाने में 10 दिन लगे कि दीपदास को हटा धोनी को मौका दें दलीप ट्रॉफी फाइनल में

New Delhi : चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष किरण मोरे, जिनकी चयन समिति को अक्सर एमएस धोनी को खोजने का श्रेय दिया जाता है, ने कहा कि उन्हें तत्कालीन भारतीय कप्तान और वर्तमान बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को नॉर्थ जोन में रेगुलर ईस्ट जोन कीपर दीप दासगुप्ता की जगह धोनी को दलीप ट्रॉफी फाइनल में विकेटकीपिंग दिलाने के लिये बहुत मशक्कत करनी पड़ी थी। मोरे ने कहा कि भारत एक ऐसे विकेटकीपर की तलाश में था जो मध्य क्रम में तेजी से रन बना सके क्योंकि राहुल द्रविड़ के साथ प्रयोग पहले ही बहुत लंबा चल चुका था और तभी उन्होंने धोनी को देखा, जो घरेलू क्रिकेट में बहुत रन बना रहे थे।

मोरे ने वेस्ट इंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज कर्टली एम्ब्रोस और स्पोर्ट्स प्रेजेंटर करिश्मा कोटक द्वारा होस्ट किये गये द कर्टली एंड करिश्मा नामक एक YouTube शो में कहा- हम एक विकेटकीपर बल्लेबाज की तलाश में थे। उस समय प्रारूप बदल रहा था और हम एक पावर-हिटर की तलाश में थे, जो नंबर 6 या 7 पर आ सके और हमें 40-50 रन जल्दी दिला सके। राहुल द्रविड़ ने विकेटकीपर के रूप में 75 वनडे मैच खेले और उन्होंने 2003 का विश्व कप भी खेला। इसलिए, हम एक विकेट-कीपर के लिए बेताब थे।
मोरे ने कहा कि चयनकर्ताओं को गांगुली और दासगुप्ता को धोनी को उस साल नॉर्थ जोन के खिलाफ फाइनल में खिलाने के लिये मनाने में लगभग 10 दिन लगे। मोरे ने कहा- मेरे सहयोगी ने पहले उसे देखा, फिर मैंने जाकर उसे देखा। मैंने विशेष रूप से उड़ान भरी और उसे टीम के कुल 170 में से 130 रन बनाते हुए देखा। उसने सभी की धुनाई कर दी। हम चाहते थे कि वह एक विकेटकीपर के रूप में फाइनल में खेले। तभी हमारी सौरव गांगुली और दीप दासगुप्ता के साथ बहुत बहस हुई – जो तब भारत के लिये खेल चुके थे और कलकत्ता से थे। इसलिए, सौरव और उनके चयनकर्ता को दीप दासगुप्ता को विकेटकीपनर न रखने के लिये कहने और एमएस धोनी को विकेटकीपर रखने देने के लिये मनाने में लगभग दस दिन लग गये।
धोनी ने वास्तव में उस मैच में भारत के पूर्व बल्लेबाज शिव सुंदर दास के साथ ईस्ट जोन के लिये ओपनिंग की थी। उन्होंने पहली पारी में 21 रन बनाये, लेकिन दूसरी पारी में आशीष नेहरा, अमित भंडारी, सरनदीप सिंह और गगनदीप सिंह के खिलाफ उत्तर क्षेत्र के आक्रमण के खिलाफ 47 गेंदों में 60 रनों की शानदार पारी खेली। इसके तुरंत बाद, धोनी को केन्या में त्रिकोणीय श्रृंखला के लिये चुना गया जहां वह सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में उभरे और बाद में भारत के लिये बुलावा आ गया।
मोरे बोले – धोनी ने विकेट कीपिंग की, उन्होंने सभी गेंदबाजों की धुनाई की और फिर हमने उन्हें भारत ए, पाकिस्तान ए और केन्या से जुड़ी त्रिकोणीय श्रृंखला के लिये केन्या भेजा। एमएस ने करीब 600 रन बनाये और उसके बाद सबकुछ इतिहास है। इसलिए आपको एक ऐसे क्रिकेटर को मौके देने की जरूरत है, जिसमें कुछ खास हो, जो मैच विजेता जैसा दिखता हो। उसके पास सभी गुण थे।

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