केदारनाथ के पट खुले, जनकल्याण के लिये पीएम मोदी की ओर से पहली रुद्राभिषेक पूजा की गई

New Delhi : केदारनाथ धाम के कपाट सख्त कोविड-19 प्रोटोकॉल के बीच सोमवार को फिर से खोल दिये गये। भक्तों के लिए ऑनलाइन ‘दर्शन’ करने की व्यवस्था की गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और लोगों के लिए मंगलकामना की। रावत ने ट्वीट किया- केदारनाथ धाम को आज सुबह पांच बजे सभी रस्मों के साथ फिर से खोल दिया गया। मैं बाबा केदारनाथ से सभी के स्वस्थ रहने की प्रार्थना करता हूं। प्रसिद्ध चारधाम तीर्थस्थलों – केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री – के कपाट छह महीने बंद रहने के बाद हर साल अप्रैल और मई के बीच खोले जाते हैं। बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 18 मई को सुबह 4.15 बजे ‘ब्रह्ममुहूर्त’ पर फिर से खुलेंगे।

उत्तराखंड के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने कहा कि केदारनाथ धाम में पहली रुद्राभिषेक पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। पूजा के बाद भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले गए। इस मौके पर मंदिर को 11 क्विंटल फूलों से सजाया गया। तीर्थयात्रियों के लिए कड़े कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। मंदिरों के देर से खुलने, अनिवार्य नकारात्मक आरटी-पीसीआर परीक्षण रिपोर्ट अनिवार्य किये गये हैं। मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या को नियंत्रित करने के अलावा मास्क पहनने और सामाजिक दूर का अनुपालन करने के मानदंडों का कड़ाई से पालन किया जायेगा। हालांकि कोरोना प्रोटोकॉल की सख्ती से श्रदधालुओं की संख्या पहले से काफी कम है। इस बीच, चारधाम यात्रा को कोविड -19 महामारी को देखते हुए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। सूचना और जनसंपर्क विभाग ने कहा कि केवल अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड एवं मंदिर समितियों द्वारा चारों धामों में पहली पूजाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जनकल्याण के लिए की जा रही हैं। कल यानी 18 मई को चमोली में स्थित भगवान बदरीनाथ के कपाट सुबह सवा चार बजे ब्रहममुहूर्त में खुल जाएंगे. कोविड के कारण यहां भी श्रद्धालुओं को आने की अनुमति नहीं होगी।

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